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नोएडा: इंडस्ट्रियल सेक्टर में होगी अलग पुलिस व्यवस्था, मजदूर आंदोलन के बाद कमिश्नरेट का बड़ा फैसला

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए अब अलग पुलिस व्यवस्था बनाई जाएगी. श्रमिक आंदोलन के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने यह बड़ा फैसला लिया है. नई व्यवस्था के तहत DCP (इंडस्ट्रीज) का पद बनाया गया है और हजारों औद्योगिक इकाइयों व लाखों श्रमिकों से सीधा समन्वय होगा.

नोएडा: इंडस्ट्रियल सेक्टर में होगी अलग पुलिस व्यवस्था, मजदूर आंदोलन के बाद कमिश्नरेट का बड़ा फैसला

Noida Industrial Police New Setup: नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक इलाकों में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के बाद गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा और अहम फैसला लिया है. अब इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए अलग से पुलिस व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि मजदूरों और कंपनियों से जुड़े मामलों को समय पर और बेहतर तरीके से निपटाया जा सके. इस नई व्यवस्था का मकसद कानून‑व्यवस्था बनाए रखना, श्रमिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना और औद्योगिक शांति को मजबूत करना है.

श्रमिक आंदोलन बना बदलाव की वजह

दरअसल, पिछले कुछ समय में औद्योगिक इलाकों में मजदूरों से जुड़े विवाद और प्रदर्शन बढ़े थे. इन्हीं हालातों को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने महसूस किया कि इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए एक विशेष पुलिस ढांचे की जरूरत है, जो केवल उद्योगों और श्रमिकों से जुड़े मामलों पर फोकस करे.

इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए अलग पुलिस व्यवस्था

अब नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के औद्योगिक इलाकों में अलग पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी. इसके तहत इंडस्ट्रीज से जुड़े मामलों को सीधे देखने के लिए एक विशेष पुलिस सेल बनाया गया है, जो तत्काल प्रभाव से काम करना शुरू कर चुका है.

DCP (इंडस्ट्रीज) का नया पद बना

इस नई व्यवस्था के तहत DCP (इंडस्ट्रीज) का नया पद बनाया गया है. DCP के साथ एक ACP, तीन इंस्पेक्टर और करीब 25 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. यह पूरी टीम केवल इंडस्ट्रियल सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर नजर रखेगी.

नई पुलिस व्यवस्था के तहत 15 हजार से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर सीधी निगरानी रखी जाएगी. इसके अलावा करीब 2 लाख कंपनियों और लगभग 4 लाख श्रमिकों से पुलिस का सीधा समन्वय रहेगा, ताकि किसी भी समस्या को बढ़ने से पहले ही हल किया जा सके.

श्रमिकों की शिकायतों पर जल्दी एक्शन

इस व्यवस्था का बड़ा उद्देश्य श्रमिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करना है. पुलिस श्रमिक संगठनों और कंपनियों से लगातार संवाद में रहेगी, जिससे गलतफहमियों और विवादों को शुरुआती स्तर पर ही सुलझाया जा सके.

कानून व्यवस्था और श्रम कानूनों पर फोकस

इंडस्ट्रीज पुलिस सेल कानून व्यवस्था के साथ‑साथ श्रम कानूनों के पालन पर भी खास ध्यान देगा. कंपनियों और श्रमिकों दोनों को तय नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो.

नई व्यवस्था के तहत सभी पुलिस जोनों के बीच बेहतर तालमेल की व्यवस्था की जाएगी. किसी भी बड़ी घटना या विवाद की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियां तय की जाएंगी.

जल्द आएगी विस्तृत SOP

पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर इंडस्ट्रीज पुलिस सेल को तत्काल लागू कर दिया गया है. तीन दिनों के भीतर इसका स्थायी प्रस्ताव डीजीपी और गृह विभाग को भेजा जाएगा. इसके साथ ही जल्द ही इस व्यवस्था को लेकर विस्तृत SOP भी जारी की जाएगी.

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