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बंगाल चुनाव से पहले हुई हिंसा पर NIA का एक्शन, मालदा केस में 31 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट

मालदा में विधानसभा चुनाव से पहले हुई अव्यवस्थाओं के मामलों में NIA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 मामलों में 31 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. ये मामले मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान सड़क जाम, सरकारी कामकाज में बाधा और न्यायिक अधिकारियों को रोकने से जुड़े हैं.

बंगाल चुनाव से पहले हुई हिंसा पर NIA का एक्शन, मालदा केस में 31 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट
मालदा हिंसा केस में NIA की बड़ी कार्रवाई
  • मालदा में विधानसभा चुनाव से पहले हुई अशांति से जुड़े 31 आरोपियों के खिलाफ एनआईए ने चार्जशीट दाखिल की है.
  • चार्जशीट में SIR के दौरान हुए सड़क जाम,सरकारी कार्यों में बाधा डालने के मामले शामिल हैं.
  • आरोपियों पर राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम और पब्लिक ऑर्डर एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
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पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में विधानसभा चुनाव से पहले हुई अशांति से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए ने चार अलग-अलग मामलों में कुल 31 आरोपियों के खिलाफ कोलकाता स्थित विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. ये सभी मामले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान सड़क जाम, सरकारी कार्यों में बाधा डालने और न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से रोके जाने से संबंधित हैं.

जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर सुनियोजित तरीके से चक्का जाम किया गया, सरकारी अधिकारियों की आवाजाही रोकी गई और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े न्यायिक अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से बाधित किया गया. एनआईए ने आरोप लगाया है कि सभी आरोपी एक संगठित साजिश का हिस्सा थे, जिन्होंने अवैध रूप से भीड़ इकट्ठा कर सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित किया और प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप किया.

एजेंसी ने बताया कि डिजिटल और तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजी प्रमाणों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आरोप तय किए गए हैं. चार्जशीट में प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है. आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 और पश्चिम बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर एक्ट 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

इस पूरे मामले का संज्ञान सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया था, जिसके बाद जांच एनआईए को सौंपी गई. एनआईए के अनुसार, आरोपियों की गतिविधियों से न सिर्फ चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई, बल्कि कानून-व्यवस्था और आम जनजीवन पर भी नकारात्मक असर पड़ा. फिलहाल जांच जारी है और एजेंसी फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है. अब इस मामले में आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां एनआईए द्वारा पेश किए गए सबूतों की जांच की जाएगी.

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