- राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने मणिपुर में जातीय हिंसा के छह मामलों में दस आरोपियों को गिरफ्तार किया.
- मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ने संयुक्त अभियान के तहत कई जिलों में तलाशी अभियान चलाया.
- गिरफ्तार आरोपियों पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार लूट और बैंक डकैती जैसी वारदातों में शामिल होने का आरोप है.
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए)ने मणिपुर में जातीय हिंसा के छह अलग-अलग मामलों में शुक्रवार को 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया. संघीय एजेंसी ने एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी. विज्ञप्ति के मुताबिक मणिपुर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक संयुक्त अभियान के तहत हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य के इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, उखरुल, चंदेल और फेरजॉल जिलों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया और इन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
संघीय एजेंसी ने बताया कि मणिपुर में हिंसा की कई मामलों की जांच के दौरान सामने आया कि इन आरोपियों ने सक्रिय भूमिका निभाई थी. इन घटनाओं में सुरक्षा बलों पर हमले, हथियार और गोला-बारूद की लूट और बैंक डकैती जैसी वारदातें शामिल थीं. विज्ञप्ति के मुताबिक एनआईए ने राज्य पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी, तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर ये ऑपरेशन चलाए. इनका उद्देश्य राज्य में आपराधिक और चरमपंथी गतिविधियों में संलिप्त अलग-अलग समुदायों के लोगों की पहचान करना और उन पर कानूनी कार्रवाई करना था.
इसमें कहा गया कि एनआईए को उम्मीद है कि इन गिरफ्तारियों से हिंसा की योजना बनाने, उन्हें अंजाम देने के तरीकों और मददगारों के बारे में अहम जानकारी मिलेगी. विज्ञप्ति के मुताबिक एजेंसी अलग-अलग घटनाओं के बीच संभावित संबंधों के साथ-साथ उग्रवाद में शामिल लोगों और समूहों की भी जांच कर रही है. मई 2023 से मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं.
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