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बुलंदशहर के रास्ते 'गंगा एक्सप्रेसवे' से जुड़ेगा न्यू नोएडा, जानिए क्या है पूरा प्लान

दिल्ली-एनसीआर और पूर्वांचल के बीच का सफर आसान करने के लिए न्यू नोएडा को बुलंदशहर के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा.

बुलंदशहर के रास्ते 'गंगा एक्सप्रेसवे' से जुड़ेगा न्यू नोएडा, जानिए क्या है पूरा प्लान
New Noida Bulandshahr Link Road
Representative Image
  • न्यू नोएडा का गंगा एक्सप्रेस से जोड़ने की तैयारी है
  • इससे वेस्ट यूपी के इलाकों से यमुना एयरपोर्ट आना आसान होगा
  • नया लिंक एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल होगा
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नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे पर एक रोटरी विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे न्यू नोएडा को सीधे इस मार्ग से जोड़ा जा सके. यह प्रस्ताव जल्द ही प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा. रोटरी बनने के बाद न्यू नोएडा के ज्यादातर गांवों और प्रस्तावित सेक्टरों की सीधी पहुंच लिंक एक्सप्रेसवे तक हो जाएगी, जिससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा.

जल्द होगा जमीन का अधिग्रहण

प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास जहां सड़कें पहले से मौजूद हैं, वहीं किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. इसी क्षेत्र में न्यू नोएडा का साइट कार्यालय भी स्थापित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की वर्तमान चौड़ाई 18 मीटर है, उन्हें मास्टर प्लान के अनुसार 24 मीटर तक विस्तारित किया जाएगा. इसके लिए आसपास के गांवों की जमीन ली जाएगी.

इस नए एक्सप्रेसवे की खासियत

  • यह पूरी तरह से एक नया और आधुनिक लिंक एक्सप्रेसवे होगा.
  • पूरा रूट पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल होगा, जिससे कहीं भी ट्रैफिक जाम नहीं मिलेगा.
  • यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश को यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से सीधे पूर्वांचल से जोड़ देगा.
  • इसके बनने से ईस्टर्न यूपी और दिल्ली-एनसीआर के बीच यात्रा का समय कई घंटे कम हो जाएगा
  • बुलंदशहर, हापुड़ और मेरठ के लोग बिना किसी शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पहुंच सकेंगे.
  • वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए यमुना एक्सप्रेसवे और फिल्म सिटी (सेक्टर-21) के पास एक मल्टी-लेवल इंटरचेंज बनाया जाएगा.
  • प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी.

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चार चरणों में पूरा होगा प्रोजेक्ट

प्राधिकरण का कहना है कि न्यू नोएडा और वर्तमान नोएडा के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए भविष्य में नए लिंक रोड विकसित किए जा सकते हैं, जिससे न्यू नोएडा की आंतरिक सड़कें सीधे नोएडा से जुड़ सकें. न्यू नोएडा परियोजना कुल 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी. इसे चार चरणों में पूरा करने की योजना है.

पहले चरण (2023-27) में 3165 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया जाएगा. इसके बाद 2027 से 2032 तक 3798 हेक्टेयर, 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर और अंतिम चरण 2037 से 2041 तक 8230 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य किए जाएंगे.

भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों के लिए मुआवजा दर भी तय कर दी गई है. किसानों को 4300 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा. वहीं जो किसान 7 प्रतिशत विकसित भूखंड लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें 3800 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलेगा.

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