- रसुवा में ग्लेशियर फ्लैश फ्लड से करीब चार सौ लोग लापता हुए हैं, जिनमें कम से कम एक सौ पाँच भारतीय शामिल हैं.
- मध्य नेपाल की बाढ़ से चार लोगों की मृत्यु हुई है और नदी किनारे कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है.
- सरकार ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है.
तिब्बत से सटे नेपाल के रसुवा जिले में आए विनाशकारी ग्लेशियर फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचाई है. आपदा के बाद करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 105 भारतीय भी शामिल हैं. मध्य नेपाल के दो जिलों में आई अचानक बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि नदी किनारे बसे कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है. बाढ़ के कारण कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
नेपाल में आई इस आपदा के बाद भारत के बिहार और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. बिहार सरकार ने स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है. ग्लेशियर फ्लैश फ्लड का वेव तेजी से बिहार की ओर बढ़ रहा है. इसे देखते हुए बगहा, वाल्मीकिनगर, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी समेत कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है.
नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति को देखते हुए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर संबंधित जिलों को पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 26, 2026
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली सहित संवेदनशील जिलों में तटबंधों की दिन-रात निगरानी, नाइट… pic.twitter.com/GC17LouTlm
अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश
बिहार के CM सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल में आई बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और गंडक नदी के जलस्तर में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए सभी जरूरी तैयारियां पूरी रखी जाएं. पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली सहित गंडक नदी से जुड़े जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. साथ ही तटबंधों और बांधों की निगरानी, कमजोर हिस्सों की मरम्मत और संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी एवं लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को चेतावनी देने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश
उधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ पर चिंता जताई है. उन्होंने भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सुरक्षित रहने की प्रार्थना की है. सीएम योगी ने आशंका जताई कि नेपाल में आई बाढ़ का असर महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में गंडक और नारायणी नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है. इसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और हर जरूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 26, 2026
भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना है।
इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा बाढ़ की संभावना के…
CM सम्राट से अमित शाह ने की फोन पर बात
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बातचीत की है. उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है. साथ ही NDRF की टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है.
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