14 से 16 जनवरी तक राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन भारत की संसद में आयोजित हो रहा है. लेकिन इस सम्मेलन में पाकिस्तान से कोई नहीं आ रहा है, जबकि बांग्लादेश में फिलहाल संसद अस्तित्व में नही हैं . इस बात की जानकारी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दी है. वहीं, सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रमंडल सचिवालय की ओर से पाकिस्तान को निमंत्रण भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई डेलिगेशन इस सम्मेलन में हिस्सा लेने नहीं आ रहा है. इस बैठक में राष्ट्र मंडल देशों के अध्यक्ष एक साथ मिलकर साझा संसदीय मुल्यों, लोकतांत्रिक शासन और संस्थागत सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे.16 साल बाद भारत में हो रहे राष्ट्रमंडल देशों के अध्यक्षों के सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इसमें 53 देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे.
सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि रविवार होने के बावजूद इस बार एक फरवरी को ही बजट पेश किया जाएगा. संसद का बजट सत्र 28 जनवरी, 2026 को शुरू होगा और 2 अप्रैल, 2026 तक चलेगा. संसद के बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी, 2026 को समाप्त होगा और संसद दोबारा 9 मार्च, 2026 को पुनः एकत्रित होगी. संसद का बजट सत्र 2 अप्रैल को खत्म हो जाएगा .
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन में ई-सिगरेट का इस्तेमाल के मामले में जरूरी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही, स्पीकर ने कहा कि ई सिगरेट के मामले में जांच पूरी होने के कगार पर है. सदन की गरिमा का ख्याल रखना सबकी जिम्मेदारी है. हर किसी को सदन मे मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए. अगर इस मामले में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई होगी.
गौरतलब है कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के शिकायत के बाद यह जांच शुरू हुई है.पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने विपक्ष के एक सांसद पर संसद के अंदर ई-सिगरेट पीना का आरोप लगाया था.सूत्रों के मुताबिक कि शिकायत दर्ज होने के बाद उस दिन के संसद की सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा की जा रही है.अगर जांच में ये आरोप सही पाया जाता है तो इसमें शामिल सासंद से पूछताछ की जाएगी.
लोकसभा अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि राष्ट्र मंडल देशों का सम्मेलन पेपरलेस होगा. इसके लिये बकायदा एक CPOC 2026 मोबाइल एप लांच किया गया है. इस एप में AI-आधारित module तैयार किया गया है, जिसकी मदद से मीडियाकर्मी ऑफिशियल मीडिया कटेंट की पहचान, एक्सेस और शेयरिंग कर सकेंगे. इसके जरिये प्रतिनिधियों से सीधे ऑऩ लाइन मीटिंग और संपर्क संभव होगा. इस मॉडयूल की मदद से किसी भी देश के पीठासीन अधिकारियों से बातचीत के लिये अपॉइटमेंट लिया जा सकेगा.