NEET Exam Stress Student Suicide: दिल्ली के आदर्श नगर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां NEET परीक्षा कैंसिल होने से परेशान एक 20 साल की छात्रा अंशिका ने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी खत्म कर ली. परिवार का कहना है कि उसे इस साल अच्छे रैंक की पूरी उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे अंदर से तोड़ दिया. इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
अनिल कुमार अत्री की रिपोर्ट...
NEET परीक्षा से जुड़ा था सपना
परिजनों ने बताया कि युवती छात्रा पिछले कई सालों से NEET की तैयारी कर रही थी. वह पढ़ाई में काफी तेज थी और इस साल उसे अपने अच्छे प्रदर्शन का भरोसा भी था. उसने हाल ही में NEET परीक्षा दी थी और बार-बार घर में यही बात करती थी कि इस बार उसके नंबर अच्छे आएंगे और उसका भविष्य सुरक्षित होगा. वह डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी.
पेपर कैंसिल की खबर से टूट गई हिम्मत
परिजनों का कहना है कि जैसे ही पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने की खबर सामने आई, छात्रा गहरे तनाव में चली गई. वह लगातार इसी बात को लेकर परेशान रहने लगी. मृतका के मामा मुनीश पांडेय के मुताबिक, “पेपर अच्छा हुआ था उसका, लेकिन कैंसिल होने की खबर ने उसे अंदर से झटका दिया. वह बहुत परेशान हो गई थी और उसी उलझन में उसने यह कदम उठा लिया.”
यह घटना नॉर्थ वेस्ट दिल्ली के आदर्श नगर इलाके की है, जहां गुरुवार को छात्रा ने अपने घर में फांसी लगा ली. घटना के बाद परिजन बिना पुलिस को सूचना दिए अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट ले गए. हालांकि, वहां मौजूद पुजारी को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को जानकारी दी.
पुलिस ने रुकवाया अंतिम संस्कार
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को रोक दिया. इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने किन परिस्थितियों में यह आत्मघाती कदम उठाया.
परिवार का दर्द और सवाल
परिवार वालों का कहना है कि उनकी बेटी बहुत होनहार थी और उसने अपने भविष्य को लेकर बड़े सपने देखे थे. मामा ने बताया, “वह पढ़ाई में बहुत तेज थी, उसे इस साल अच्छे रैंक की उम्मीद थी. लेकिन पेपर कैंसिल होने की खबर ने उसे पूरी तरह से तोड़ दिया.” यह घटना न केवल एक परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव बच्चों पर कितना भारी पड़ सकता है.
मामले की जांच की जा रही- पुलिस
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान अंशिका पांडे (20) के रूप में हुई, जो लाल बाग आज़ादपुर की रहने वाली है. पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान पता चला कि अंशिका ने कथित तौर पर अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. परिवार को कानूनी प्रक्रिया के बारे में पता नहीं था, इसलिए वे सीधे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले आए. हमें जैसे ही जानकारी मिली हमने डेड बॉडी को तुरंत कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए BJRM हॉस्पिटल मॉर्चरी में भेज दिया. क्राइम टीम और FSL ने घटनास्थल का मुआयना किया.
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