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This Article is From Oct 29, 2025

राष्ट्रीय एकता दिवस: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर होगा भव्य परेड का आयोजन, जानें क्या है खास

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जन्मतिथि पर गुजरात के नर्मदा जिले में शुक्रवार को इतिहास लिखा जाएगा. दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के सामने सुरक्षाबल देश की सैन्य ताकत और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. 

राष्ट्रीय एकता दिवस: सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर होगा भव्य परेड का आयोजन, जानें क्या है खास
  • राष्ट्रीय एकता दिवस 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर मनाया जाता है. इस बार उनकी 150वीं जयंती है.
  • गुजरात के एकता नगर में भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा, जिसमें महिलाओं की भूमिका खास होगी.
  • परेड में विविध राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियां होंगी. साथ ही एयर शो कार्यक्रम की शान बढ़ाएगा.
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नई दिल्‍ली :

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है. इस वर्ष सरदार पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य पर राष्ट्रीय एकता दिवस बेहद खास होगा. इस मौके पर गुजरात में नर्मदा जिले के एकता नगर में भव्य परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सबसे खास महिलाओं की भूमिका होगी. देश के किसी न किसी सुरक्षा बल से जुड़ी महिला अधिकारी हर दस्ते की अगुवाई करेंगी.  

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जन्मतिथि पर गुजरात के नर्मदा जिले में इतिहास लिखा जाएगा. दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति के सामने सुरक्षाबल देश की सैन्य ताकत और अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे. 

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महिला अधिकारी करेंगी गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व

इस वर्ष का समारोह कई मायनों में अद्वितीय होगा. परेड में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) और राज्य पुलिस बल अपने कौशल, अनुशासन और वीरता का प्रदर्शन करेंगे. साथ ही परेड में महिला पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की खास भागीदारी होगी. प्रधानमंत्री को दिए जाने वाले गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्व भी महिला अधिकारी करेंगी.  

इस वर्ष, परेड में CRPF के 5 शौर्य चक्र विजेता और BSF के 16 वीरता पदक विजेता शामिल होंगे. इन बहादुरों ने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों और जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का प्रदर्शन किया. BSF के जवानों ने पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बेजोड़ बहादुरी और साहस का प्रदर्शन किया. 

एयर शो और बढ़ाएगा परेड की शान

परेड का प्रमुख आकर्षण एक मार्चिंग दस्ता होगा, जिसमें BSF के विशेष रूप से भारतीय नस्ल के श्‍वान, गुजरात पुलिस का घुड़सवार दस्ता, असम पुलिस का मोटरसाइकिल डेयरडेविल शो और BSF का ऊंट दल और ऊंट सवार बैंड शामिल होंगे. 

इस दौरान NCC कैडेट और स्कूल बैंड अपने शानदार प्रदर्शन से समारोह की भव्यता बढ़ाएंगे. युवा NCC कैडेट्स अपने अनुशासन और उत्साह से "एकता में शक्ति" का संदेश देंगे. भारतीय वायु सेना की सूर्य किरण वायुयानों की टीम द्वारा एक शानदार एयर शो परेड की शान को और बढ़ाएगा. 

राज्यों-केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियां भी होंगी

विविधता में एकता के संदेश पर बल देने के लिए विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की झांकियां भी परेड का हिस्सा होंगी.  इस वर्ष की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में "विविधता में एकता" थीम को दर्शाने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा गारद (NSG), NDRF, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, अंडमान - निकोबार द्वीप समूह, मणिपुर, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और पुडुचेरी की 10 झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी. 

परेड के दौरान संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 900 कलाकार भारत की संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की समृद्ध विविधता को दर्शाने वाले भारतीय शास्त्रीय नृत्य का प्रदर्शन करेंगे.  

इस वर्ष की राष्ट्रीय एकता दिवस परेड में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के साथ-साथ असम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू और कश्मीर, केरल, आंध्र प्रदेश राज्यों और NCC के दस्ते शामिल होंगे.  

इस बार मणिपुर को भी बहुत महत्व दिया गया है और मणिपुर के अलग अलग रंगों को भी दर्शाया जाएगा. 

कता नगर में एक नवंबर से भारत पर्व

1 से 15 नवंबर, 2025 तक एकता नगर भारत पर्व का आयोजन करेगा, जिसमें विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक प्रदर्शन और एक खान-पान महोत्सव शामिल होगा. इस महोत्सव का समापन 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती से जुड़े विशेष कार्यक्रमों के साथ होगा, जिसमें हमारे जनजातीय समुदायों की गौरवशाली संस्कृति पर प्रकाश डाला जाएगा. 

आदिवासी इलाकों में जिस तरह से नक्सलवाद को खत्‍म करने की कवायद केंद्र सरकार ने की है, उसकी झाकियां भी यहां देखने को मिलेगी. बस्तर से लेकर गढ़चिरौली तक उस इलाके की महिला अधिकारियों की अगुवाई में इस परेड को सफल बनाया जाएगा. 

सतपुड़ा और विंध्याचल की पहाड़ियों के बीच स्थित एकता नगर "विविधता में एकता" की तस्वीर को दर्शाता है, जो प्राकृतिक सुंदरता को सांस्कृतिक समृद्धि के साथ जोड़ता है.  

सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले उप प्रधानमंत्री और देश के पहले गृह मंत्री थे. देश को एकता के सूत्र में पिरोने में उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई थी, जिसमें देश की 562 रियासतों को आजाद भारत में शामिल करना भी था.

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