- नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर सांसद आगा मेहदी ने सांसद पद और पार्टी सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है
- उन्होंने आंतरिक कलह और विशेष दर्जे को बहाल कराने के वादे से पीछे हटने को इस्तीफे का मुख्य कारण बताया है
- आगा मेहदी ने इस्तीफा लोकसभा स्पीकर और फारूक अब्दुल्ला को आगामी पुण्यतिथि पर भेजने का ऐलान किया है
नेशनल कॉन्फ्रेंस के श्रीनगर से लोकसभा सांसद रुहुल्लाह मेहदी लोकसभा सदस्य नहीं रहेंगे. उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है और इसके साथ ही वह पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं रहेंगे. पार्टी में विचारधारा के नाम पर चल रही आंतरिक कलह को लेकर आगा रुहुल्ला मेहदी ने यह कदम उठाया है. उनका कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस की लीडरशिप ने चुनाव में जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को बहाल कराने का वादा किया था. इसी वादे के साथ पार्टी चुनाव में उतरी थी. अब उस वादे के लिए लड़ने से पार्टी इनकार कर रही है. उन्होंने कहा कि अब मैं सांसदी छोड़ना चाहता हूं क्योंकि मुझे झूठ और विश्वासघात का हिस्सा नहीं बनना.
आगा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि मैं लोकसभा स्पीकर को औपचारिक तौर पर अपना इस्तीफा दूंगा. इसका अलावा फारूक अब्दुल्ला को पार्टी से प्राथमिक सदस्य के तौर पर अपना इस्तीफा भेजूंगा. यह इस्तीफा 3 नवंबर को आगा मेहदी की पुण्यतिथि के मौके पर भेजूंगा. आगा मेहदी की आतंकियों द्वारा किए गए बम धमाके में मौत हो गई थी. सांसद आगा ने पिता की पुण्यतिथि के मौके पर बडगाम में एक बड़ी रैली करने का भी फैसला लिया है. इस दौरान वह अपने इस्तीफे का आधिकारिक ऐलान करेंगे. इसके अलावा जनता के बीच अपने रिजाइन का कारण भी बताएंगे.
उन्होंने कहा, 'मैं श्रीनगर सांसद के तौर पर इस्तीफा दे रहा हूं. इस्तीफा देने से पहले मेरी कुछ प्रतिबद्धताएं हैं. मुझे सांसद निधि से कुछ फंड भी विकास के लिए जारी करना है. मैंने कुछ सांसदों को जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक अधिकारों के लिए लड़ने के लिए श्रीनगर में एक कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया है.' चीफ मिनिस्टर उमर अब्दुल्ला पर उन्होंने विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज वह अपनी बात से हटते हुए जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के लिए लड़ाई नहीं लड़ रहे. आगा के बारे में कहा जा रहा है कि वह नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद के तौर पर इस्तीफा देंगे. फिर उपचुनाव में निर्दलीय ही उतरेंगे.
वह वैचारिक आधार पर खुद को मजबूत दिखाना चाहते हैं और फिर निर्दलीय ही लोकसभा पहुंचने के प्लान में हैं. बता दें कि इस इलाके में आगा रुहुल्ला का अच्छा प्रभाव माना जाता है. उन्होंने बडगाम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कैंपेन से बीते साल इनकार कर दिया था. इस चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को हार का सामना करना पड़ा था. इस सीट को 2024 में दो सीटों से जीतने के बाद उमर अब्दुल्ला ने खाली कर दिया था. सीएम की सीट पर ही हार से नेशनल कॉन्फ्रेंस को बड़ा झटका लगा था, लेकिन आगा रुहुल्ला ने इस बहाने अपनी ताकत का इजहार भी किया था.
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