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दिल्ली, यूपी, MP, बिहार... हर जगह मॉनसून पर 'लाल ग्रहण', जून की तरह जुलाई भी रहेगा सूखा, IMD का अलर्ट

Monsoon Alert: मौसम विभाग के मुताबिक, जून के महीने में दिल्ली, यूपी, बिहार और मध्य प्रदेश समेत देश के कई बड़े राज्यों में मानसून बेहद कमजोर रहा है, जिससे इन इलाकों में सूखे का खतरा बढ़ गया है.

दिल्ली, यूपी, MP, बिहार... हर जगह मॉनसून पर 'लाल ग्रहण', जून की तरह जुलाई भी रहेगा सूखा, IMD का अलर्ट
Monsoon Update 2026: देश में कहां कब पहुंचेगा मॉनसून?
IANS
  • दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई हिस्सों में प्री-मॉनसून सक्रिय है, 3 जुलाई के आसपास पहुंचने की संभावना है
  • जून 2026 में बारिश सामान्य से 39.8 प्रतिशत कम रिकॉर्ड हुई, जो 1901 के बाद पांचवीं सबसे कम बारिश है
  • अल नीनो की वजह से मॉनसून कमजोर हुआ है, जिससे जुलाई में भी सामान्य से कम बारिश रहने का अनुमान है
नई दिल्ली:

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. दिल्ली में प्री-मॉनसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं, लेकिन दिल्लीवाले अभी भी मॉनसून का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया कि मॉनसून 3 जुलाई के आसपास दिल्ली पहुंच सकता है. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्से भी अगले दो से तीन दिन में मॉनसून पहुंच जाएगा. वहीं IMD ने मॉनसून के कमजोर होने का भी अलर्ट जारी किया है. इस साल मॉनसून काफी कमजोर है और सामान्य से कम बरस रहा है.

मॉनसून पर 'अल नीनो' का साया

इस साल जून महीने के दौरान औसत से 39.8% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल डॉ. एम मोहपात्रा ने मंगलवार को 'Monthly Outlook for Rainfall and Temperature for July 2026' जारी करते हुए कहा, 'जून महीने के दौरान देश में बारिश की कुल कमी 39.8% रही. मध्य भारत में मॉनसून की सबसे ज़्यादा कमी (-50.4%) देखी गई। जून में हुई कुल बारिश 1901 के बाद रिकॉर्ड की गयी पांचवीं सबसे कम बारिश है'

जून में सामान्य से कम बारिश

जून में सामान्य से कम बारिश
Photo Credit: IMD

जून 2026 के दौरान बारिश सामान्य से 39.8% कम क्यों रही? इस सवाल पर डॉ. मोहपात्रा ने कहा कि अल नीनो (El Nino) बनने की वजह से भारतीय क्षेत्र में बारिश पर बुरा असर पड़ रहा है, ये इसकी एक अहम वजह है.

भारत मौसम विभाग के मुताबिक, जून के बाद जुलाई 2026 के दौरान भी देश में औसत मासिक बारिश 'सामान्य से कम' रहने की उम्मीद है. मौसम विभाग का आंकलन है कि अगले महीने बारिश 'लॉन्ग पीरियड एवरेज' (LPA) का 94% से भी कम होगी.

मॉनसून की ताजा स्थिति क्या?

मॉनसून की ताजा स्थिति क्या?
Photo Credit: IMD

कहां कितनी कम बारिश?

क्षेत्र के हिसाब से देखें, तो देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, सिवाय उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत, पूर्वी-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ इलाकों के, जहाँ सामान्य या उससे ज़्यादा बारिश होने की उम्मीद है.

मॉनसून सीजन के दौरान जुलाई महीने में औसतन सबसे ज्यादा बारिश होती है. ऐसे में औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान किसानों के लिए बुरी खबर है. भारत मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम और दूसरे ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल के ताजा अनुमान बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीज़न के दौरान अल-नीनो की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है.

जुलाई में कैसा रहेगा मॉनसून?

जुलाई में कैसा रहेगा मॉनसून?
Photo Credit: IMD

अभी हिंद महासागर में न्यूट्रल इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) की स्थिति बनी हुई है. MMCFS और दूसरे ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल के अनुमान बताते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीज़न के दौरान न्यूट्रल IOD की स्थिति बनी रहने की संभावना है. सामान्य से कम बारिश खेती, जल संसाधनों, पनबिजली उत्पादन, इकोसिस्टम की स्थिरता और पीने के पानी की उपलब्धता के लिए बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकती है.

डॉ. मोहपात्रा के मुताबिक, जिन इलाकों में औसत से कम बारिश होगी वहां वॉटर स्ट्रेस की स्थिति हो सकती है. इस स्थिति से निपटने के लिए कृषि मंत्रालय ने एक योजना बनाई है. इसके लिए अहम खरीफ फसलों की बुआई के पैटर्न में बदलाव करना जरूरी होगा.

तपती दिल्ली को मिली हल्की राहत

राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार को हीट वेव रिकॉर्ड की गई थी. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए इसी हफ्ते मॉनसून पहुंचने की खबर राहत देने वाली है.सोमवार को दिल्ली के कुछ इलाकों में हीट वेव रिकॉर्ड किया गया था. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मॉनसून की बारिश इसी हफ्ते राजधानी पहुँचने का पूर्वानुमान बड़ी राहत की खबर है.

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Photo Credit: IMD

कहां तक पहुंचा मॉनसून?

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून आज मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों और हिमाचल प्रदेश व लद्दाख के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया.

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से कमजोर चल रहे मॉनसून की रफ्तार अगले कुछ दिनों में सुधरने का पूर्वानुमान है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बादल छाये हुए हैं और एक लो प्रेशर एरिया 3 जुलाई के आसपास बनने की उम्मीद है. इसकी वजह से जो कोर मॉनसून जॉन है उसमें अगले 2-3 दिनों में मॉनसून की भारी बारिश होने की उम्मीद है.

इसकी वजह से इस सप्ताह देश के मध्य भागों में मॉनसून के सक्रिय रहने की संभावना है. 2 से 4 जुलाई के दौरान कोंकण में, 2 और 3 तारीख को मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों में और 3 व 4 जुलाई 2026 को दक्षिण गुजरात क्षेत्र में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: मॉनसून की यूपी में एंट्री, दिल्ली में भी झमाझम बारिश की डेट आई, पंजाब-हरियाणा से उत्तराखंड-हिमाचल में मौसम की गुड न्यूज

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