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मॉनसून ने अगस्त में ही मुंह मोड़ा, खरीफ फसलों पर संकट के बीच सरकार के कसी कमर, कम बारिश से इन राज्यों में घटा रकबा

दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बची हुई अवधि के दौरान अल-नीनो की स्थिति लगातार मजबूत होती रहेगी. मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है.

मॉनसून ने अगस्त में ही मुंह मोड़ा, खरीफ फसलों पर संकट के बीच सरकार के कसी कमर, कम बारिश से इन राज्यों में घटा रकबा
Shivraj Singh Chauhan on Monsoon Rain Alert El Nino Impact
नई दिल्ली:

मॉनसून की बेरुखी अगस्त महीने में ही देखने को मिल रही है और सितंबर में भी क्या इंद्रदेव मेहरबान होंगे, ये भी तय नहीं है. ऐसे में खरीफ फसलों की बुवाई में कमी के बीच सरकार ने कमी कस ली है. इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान 01 जून से 19 अगस्त 2026 के बीच देश में औसत से 13% कम बारिश हुई है. इसका असर कुछ खरीफ की अहम फसलों की बुआई पर पड़ा है. एनडीटीवी से एक्सक्लूसिव बातचीत में कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, देश में खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल से करीब 20 लाख हेक्टेयर अब तक कम रही है. कर्नाटक में 14 लाख हेक्टेयर में कमी बनी हुई है, महाराष्ट्र में 8 लाख हेक्टेयर कम बुआई हुई है. उसके बाद उड़ीसा और झारखंड में लगभग 2 लाख हेक्टेयर कम बुआई हुई है. कर्नाटक में स्थिति संतोषजनक नहीं है.

धान की बुआई में सबसे ज्यादा कमी

सबसे ज्यादा कमी धान की बुवाई में आई है. कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुआई में आई कमी का फूड प्रोडक्शन पर अभी कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है. बचे हुए अगस्त और सितंबर में बारिश सामान्य होती है या नहीं ये देखना महत्वपूर्ण होगा। लेकिन अभी जो स्थिति दिखाई दे रही है उसमें फसल के उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, अच्छा उत्पादन होने की उम्मीद है.  

Shivraj

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बारिश की कमी का आंकड़ा घटा

पिछले दो हफ्तों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है. इसकी वजह से देश के कई राज्यों में बारिश की कमी घट गयी है. शिवराज सिंह चौहान ने एनडीटीवी से कहा, देश में बारिश सामान्य श्रेणी की स्थिति में आ गई है. पहले कमी ज्यादा थी, अब सिर्फ 13 फ़ीसदी की कमी रह गई है. अगर 19% से नीचे बारिश की कमी रहती है तो उसे सामान्य बारिश ही माना जाता है. पहले 162 जिले ऐसे थे जहां बारिश कम हुई थी. अब उनकी संख्या घटकर 106 के आसपास रह गई है. स्थिति बहुत चिंताजनक नहीं है.

मौसम विभाग का अनुमान चिंताजनक

भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीज़न (अगस्त-सितंबर) के दूसरे हिस्से में देश में सामान्य से कम बारिश (लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94% से कम) होने की संभावना है. इस दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की बहुत संभावना है, सिवाय प्रायद्वीपीय भारत, मध्य भारत, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के, जहां सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.

अगस्त 2026 के दौरान, देश में बारिश सामान्य से कम (लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के 94% से कम) होने की संभावना है. देश के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम होने की बहुत अधिक संभावना है. सिवाय पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ इलाकों और पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत के कुछ छिटपुट इलाकों के, जहां सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.

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अल नीनो पर भविष्यवाणी

भारत मौसम विभाग के मुताबिक, अभी इक्वेटोरियल पैसिफिक ओशन (equatorial Pacific Ocean) में मध्यम दर्जे की अलनीनो की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान इन स्थितियों के और मजबूत होने की उम्मीद है. मॉनसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) के पूर्वानुमान  के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बची हुई अवधि के दौरान अल-नीनो की स्थिति लगातार मजबूत होती रहेगी.
 

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