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मोदी अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते लेकिन दूसरे के खिलाफ कुछ भी बोलते हैं: शरद पवार

पुणे में चुनाव प्रचार रैली के दौरान मोदी ने पवार का नाम लिए बिना उन्हें दूसरों के अच्छे काम को बर्बाद करने वाली ‘‘भटकती आत्मा’’ करार दिया था.

मोदी अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते लेकिन दूसरे के खिलाफ कुछ भी बोलते हैं: शरद पवार
बीड:

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता शरद पवार ने शनिवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं लेकिन वह दूसरों के खिलाफ कुछ भी बोलते हैं. मोदी ने एक दिन पहले ही (शरद पवार की पार्टी पर निशाना साधते हुए) ‘‘नकली राकांपा'' को लोकसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद अजित पवार से हाथ मिला लेने की सलाह दी थी.

शरद पवार ने बीड से पार्टी प्रत्याशी बजरंग सोनवणे के पक्ष में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी पर खुलेआम मुसलमानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बतौर प्रधानमंत्री मोदी को सभी जातियों एवं धर्मों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी अपनी आलोचना बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं लेकिन वह दूसरों के खिलाफ कुछ भी बोलते हैं. इन दिनों वह खुलेआम मुसलमानों को निशाना बना रहे हैं जबकि बतौर प्रधानमंत्री उन्हें सभी जातियों एवं धर्मों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए. मुसलमानों के प्रति नफरत स्पष्ट नजर आ रही है.''

पवार ने मोदी को ‘‘महिला विरोधी और किसान-विरोधी'' करार दिया. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में किसानों के कल्याण के लिए कुछ नहीं किया. उनकी सरकार ने महिलाओं के साथ अत्याचार पर अपनी आंखें मूंद ली हैं.''

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी सत्ता के दुरुपयोग और घमंड का उदाहरण है. मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के महाराष्ट्र में सबसे बड़े नेता शरद पवार पर हमला तेज कर दिया है.

पुणे में चुनाव प्रचार रैली के दौरान मोदी ने पवार का नाम लिए बिना उन्हें दूसरों के अच्छे काम को बर्बाद करने वाली ‘‘भटकती आत्मा'' करार दिया था.

शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने शरद पवार की अगुवाई वाली राकांपा (शदचंद्र पवार) और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) को लोकसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में ‘‘विलय कर अपना अस्तित्व मिटाने'' के बजाय क्रमश: अजित पवार एवं एकनाथ शिंदे के साथ हाथ मिला लेने की सलाह दी थी.

शिंदे और अजित पवार ने 2022 एवं 2023 में अपने-अपने दलों का विभाजन कर दिया था. शरद पवार ने मोदी के बयान पर कल कहा था कि संसदीय लोकतंत्र प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण खतरे में है और वह उन लोगों से हाथ नहीं मिलाएंगे जो इसमें विश्वास नहीं करते हैं.

महाराष्ट्र में लोकसभा की 48 सीट हैं और वहां पांच चरणों में मतदान हो रहा है. पहले तीन चरण का मतदान पूरा हो चुका है तथा अगले दो चरणों का मतदान 13 और 20 मई को होगा.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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