नाबालिग से रेप के मामले में दोषी आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है और मेडिकल आधार पर जमानत मांगी है. सुप्रीम कोर्ट 17 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की मेडिकल आधार पर दायर जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करते हुए मामले को 17 जुलाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है. इससे पहले उन्हें इलाज के लिए मेडिकल आधार पर पहले भी जमानत मिली है और इलाज के बाद उन्हें दोबारा जेल में भर्ती किया गया.
आसाराम की ओर से वरिष्ठ वकील डीएस नायडू ने जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ के समक्ष कहा कि 90 साल के आसाराम को 8 जुलाई को अचानक आंतरिक रक्तस्राव हुआ. इसके बाद उन्हें गंभीर हालत में एम्स जोधपुर में भर्ती कराया गया.उन्होंने अदालत को बताया कि आसाराम को गंभीर जोखिम वाला मरीज घोषित किया गया है और उन्हें रक्त चढ़ाना पड़ा.
स्वास्थ्य की गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए वरिष्ठ वकील ने मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया. आसाराम फिलहाल रेप के एक मामले में सजा काट रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी आधार पर राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.अदालत ने फिलहाल केवल याचिका पर सुनवाई की तारीख तय की है, जबकि मामले के गुण-दोष पर फैसला सुनवाई के दौरान किया जाएगा.
गौरतलब है कि जून 2026 में आसाराम ने राजस्थान हाईकोर्ट के मई 2026 के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.हाईकोर्ट ने 2013 के नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आईपीसी की धारा 376D (सामूहिक दुष्कर्म) और पॉक्सो अधिनियम की कुछ धाराओं के तहत हुई सजा को रद्द कर दिया था, लेकिन आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) के तहत उनकी दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा था.
आसाराम कहां हैं?
आसाराम का असली नाम आसूमल सिरुमलानी हरपलानी है. नाबालिग से रेप केस 2013 में उन्हें उम्रकैद की सजा दी गई थी. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर एक लड़की ने आरोप लगाया था कि आसाराम ने उसे जोधपुर के पास मणाई गांव के आश्रम की कुटिया में बुलाया गया था. वो मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के आश्रम के हॉस्टल में पढ़ती थी. उसे बताया गया था कि आसाराम अपनी आध्यात्मिक शक्तियों से इलाज करेंगे. आरोप था कि 15 अगस्त 2013 की रात को कुटिया में बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया.
जोधपुर जेल में बंद हैं आसाराम
लड़की के मां-बाप ने दिल्ली के कमला मार्केट थाने में एफआईआर कराई और केस जोधपुर ट्रांसफर कर दिया गया.राजस्थान पुलिस ने 31 अगस्त 2013 को आसाराम को इंदौर के आश्रम से गिरफ्तार कर लिया.उन पर पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म और किशोरी न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. जोधपुर की अदालत ने 25 अप्रैल 2018 को फैसला सुनाया. अदालत ने आसाराम को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार का दोषी माना. उन्होंने आजीवव कारावास की सजा हुई.
आसाराम को हुई थी उम्रकैद की सजा
आसाराम ने जोधपुर कोर्ट के फैसले को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. राजस्थान हाईकोर्ट ने मई 2026 में उनकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा. जून 2026 में यह मामला देश की सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है. आसाराम ने खराब स्वास्थ्य, दिल की बीमारी और अंदरूनी ब्लीडिंग का हवाला देकर जमानत की गुहार लगाई है. कोर्ट ने समय-समय पर उन्हें इलाज के लिए कुछ दिनों की पैरोल दी है, लेकिन उनकी मुख्य सजा और दोषसिद्धि पर कोई रोक नहीं लगाई है.
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