- केंद्रीय कैबिनेट ने सभी केंद्रीय मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है
- पीएम मोदी सोशल मीडिया परफॉर्मेंस रैंकिंग में पहले नंबर पर हैं
- रिपोर्ट में मंत्रियों की इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पोस्ट, औसत इंगेजमेंट, लाइक्स, फॉलोअर्स शामिल किए गए
केंद्रीय कैबिनेट ने सभी केंद्रीय मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस की एक रिपोर्ट तैयार की है. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह रिपोर्ट पेश की गई. इस रिपोर्ट में सभी मंत्रियों को सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी और परफॉर्मेंस के साथ ही उनकी ओवरऑल रैंकिंग भी बताई गई है. ये डेटा पिछले साढ़े तीन महीने यानी कि 1 मई 2026 से 15 अगस्त 2026 तक की एक्टिविटीज के आधार पर तैयार किया गया था.
सोशल मीडिया रैंकिंग में पीए मोदी नंबर-1
सभी मंत्रियों की सोशल मीडिया पर ओवरऑल परफॉर्मेंस रैंकिंग कैसी है ये उनको इस रिपोर्ट के जरिए बताया गया. जानकारी के मुताबिक इस रैंकिंग में पीएम मोदी पहले नंबर पर हैं. खास बात यह है कि ये रिपोर्ट सिर्फ कैबिनेट मंत्रियों की सोशल मीडिया पर मौजूदगी की नहीं है, फाइनल रैंकिंग में देश के बड़े, शीर्ष नेताओं और जमीनी नेताओं के सोशल मीडिया ट्रैक्शन को आधार बनाया गया है. यानी कि मंत्री दूसरे नेताओं से अपनी सोशल मीडिया परफॉर्मेंस की तुलना कर सकते हैं.
मंत्रियों की सोशल मीडिया परफॉर्मेंस रिपोर्ट
बैठक में हर मंत्री को 1 मई 2026 से 15 अगस्त के बीच यानि पिछले साढ़े तीन महीने की एक्टिविटी के आधार पर बनाई गई रिपोर्ट व्यक्तिगत तौर पर सौंपी गई है. ये सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट है. इसमें मंत्रियों के इंस्टाग्राम , एक्स, फेसबुक पर उनकी एक्टीविटी के आधार पर उनका असेसमेंट किया गया है.
फेसबुक, इंस्टा, एक्स पर कितने एक्टिव हैं मंत्री?
मंत्रियों की ओवर ऑल रैंकिंग और सोशल मीडिया परफॉर्मेंस की रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ( इंस्टाग्राम, X, फेसबुक) पर अलग-अलग उनकी रोज की औसत पोस्ट, टोटल इंगेजमेंट, औसत इंगेजमेंट प्रति पोस्ट, लाइक्स, औसत लाइक्स, फॉलोअर्स की संख्या को आधार बनाया गया है. मतलब यह कि सोशल मीडिया पर किस नेता को सबसे ज्यादा जनसमर्थन और प्रतिक्रिया मिली, उसके हिसाब से ये रिपोर्ट तैयार की गई है.
मंत्रियों को सोशल मीडिया इंगेजमेंट बढ़ाने के निर्देश
बता दें कि सभी मंत्रियों को सोशल मीडिया पर पोस्ट,इंगेजमेंट, सार्थक इंट्रैक्शन बढाने के लिए भी कहा गया है. यह कवायद संभावित कैबिनेट फेरबदल के मद्देनजर महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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