- मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में कम से कम सोलह मजदूरों की मौत हुई है.
- विस्फोट थांगस्कू इलाके में हुआ जहां बचाव दल अब भी फंसे हुए लोगों को खोजने में जुटा हुआ है.
- पुलिस महानिदेशक आई नोंगरंग ने बताया कि विस्फोट के समय खदान में मौजूद लोगों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है.
Meghalaya Coal Mine Blast: पूर्वोत्तर राज्य मेघालय से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है. यहां एक कोयला खदान में हुए धमाके में 18 मजदूरों की मौत हो गई. कई लोग अभी फंसे भी हैं. इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपए के सहायता राशि की घोषणा की है. पहले इस हादसे में 4 फिर 16 और अब 18 मजदूरों की मौत की खबर सामने आई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में हुए कोयला खदान विस्फोट पर गहरा दुख व्यक्त किया, जिसमें कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई. उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की.
पीएम राहत कोष से मृतकों के लिए 2-2 लाख, घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मदद की घोषणा
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मोदी के हवाले से एक पोस्ट में कहा, "मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं. अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदनाएं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं." मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
ईस्ट जयंतिया हिल्स में कोयला खदान में हुआ बड़ा विस्फोट
आधिकारिक रूप से मिली जानकारी के अनुसार मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को ‘‘अवैध'' कोयला खदान में विस्फोट होने से कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. पुलिस महानिदेशक (DGP) आई नोंगरंग ने यह जानकारी दी. डीजीपी ने बताया कि यह घटना थांगस्कू इलाके में हुई और बचाव दल तलाशी अभियान चला रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हमने अब तक 16 शव बरामद किए हैं, लेकिन विस्फोट के समय खदान के अंदर मौजूद लोगों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी नहीं है. कई लोगों के फंसे होने की आशंका है.''
गंभीर रूप से घायल लोगों को शिलांग जा रहा रेफर
ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि घटना में घायल एक व्यक्ति को एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए उसे राज्य की राजधानी शिलांग रेफर कर दिया गया. शक है कि यह विस्फोट उस जगह पर कोयला खनन की गतिविधियों के दौरान हुआ, जिसे एक गैर-कानूनी काम माना जा रहा है.
धमाका क्यों हुआ, की जा रही जांच
जब पूछा गया कि क्या खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी, तो कुमार ने कहा, ‘‘हां, ऐसा ही लगता है.'' उन्होंने कहा कि विस्फोट की वजह का पता अभी नहीं चला है, और इसकी जांच की जाएगी. उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने 2014 में मेघालय में ‘रैट-होल' कोयला खनन तथा खनन के दूसरे अवैज्ञानिक तरीकों पर प्रतिबंध लगा दिया था.
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