मणिपुर के नोनी जिले में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है. जिले के खुमजी क्षेत्र में दो प्रतिद्वंद्वी उग्रवादी गुटों के बीच हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं. स्थानीय सूत्रों के अनुसार घटना दूरदराज के जंगल वाले इलाके में हुई, जहां संघर्ष की खबर मिलने के बाद भी सुरक्षा बल देर तक मौके पर नहीं पहुंच सके.
दो गुटों के बीच हुई भिड़ंत
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह संघर्ष जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो गुटों, जेडयूएफ-जे और जेडयूएफ-के, के बीच हुआ. दोनों गुटों के बीच लंबे समय से प्रभाव और नियंत्रण को लेकर तनाव बना हुआ है. इसी तनाव ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुमजी के आसपास के जंगलों में घंटों तक गोलीबारी की आवाज सुनाई देती रही. हालांकि संघर्ष आबादी वाले इलाकों से दूर हुआ, इसलिए बड़े पैमाने पर नागरिक नुकसान की खबर नहीं है.
सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना दुर्गम इलाका
घटनास्थल घने जंगल और पहाड़ी इलाके में स्थित है. खराब भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों को वहां तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है. इसी वजह से मृतक और घायलों की संख्या में बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है. अधिकारियों की ओर से अभी तक आधिकारिक रूप से हताहतों के आंकड़े की पुष्टि नहीं की गई है.
पुरानी दुश्मनी से जुड़ा है मामला
जानकारों के मुताबिक, इस क्षेत्र में लंबे समय से विभिन्न नागा संगठनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई चलती रही है. जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट का गठन वर्ष 2011 में हुआ था. संगठन जेलियांगरोंग समुदाय के लोगों, उनकी भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की मांग उठाता रहा है. साथ ही संगठन जेलियांगरोंग क्षेत्रों को एक प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने की मांग भी करता रहा है. फिलहाल गोलीबारी की असली वजह और संघर्ष में शामिल लोगों की पूरी पहचान स्पष्ट नहीं हो पाई है. सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं.
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