पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वो तबतक जिंदा रहेंगी जब तक उनका अंत नहीं देख लेंगी. तृणमूल कांग्रेस छोड़ने वाले कई बागी नेताओं द्वारा अभिषेक बनर्जी पर कथित मनमानी का आरोप लगाए जाने के बीच ममता अपने भतीजे के समर्थन में मजबूती से खड़ी नजर आईं. ममता ने ‘गद्दारों की ओर से' लोगों से माफी मांगी और कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके परिवार ने कभी राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए समझौता किया.
विरोधी मुझे मरता देखना चाहते हैं- ममता
ममता बनर्जी ने कड़े तेवर दिखाते हुए बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों और पुलिस का इस्तेमाल कर नेताओं से दल बदलवाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह तृणमूल कांग्रेस को फिर से शुरू से खड़ा करेंगी. ममता ने साथ ही आरोप लगाया कि उनके विरोधी उन्हें मरता हुआ देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'वे चाहते थे कि मुझे दिल का दौरा पड़े. लेकिन मैं तब तक जिंदा रहूंगी, जब तक तुम्हारा अंत नहीं देख लेती'.
अभिषेक को बहाना बना दिया
पूर्व मुख्यमंत्री ने तृणमूल में फूट के बाद अभिषेक बनर्जी का जोरदार तरीके से बचाव करते हुए कहा कि उनके भतीजे को पार्टी पर हमला करने का ‘बहाना' बना दिया गया है. ममता ने कहा कि अभिषेक और उनके परिवार के सदस्यों को बार-बार तलब किया गया लेकिन उन्होंने समझौता कर राहत पाने की बजाय राजनीतिक लड़ाई जारी रखना चुना. पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘फेसबुक' पर लाइव के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी को एक बहाना बना दिया गया है. उनके परिवार के सदस्यों को तलब किया गया. अगर वह चाहते तो राहत पा सकते थे, लेकिन वह मैदान छोड़कर नहीं भागे. जिस तरह उन्होंने लड़ाई जारी रखी, उससे उनकी सारी कमियां माफ हो गईं.
मदन मित्रा पर निशाना
वरिष्ठ विधायक मदन मित्रा के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट का दामन थामने के बाद ममता बनर्जी ने यह बयान जारी किया. मदन मित्रा, पार्टी छोड़ने के लिए अभिषेक बनर्जी की कथित मनमानी को जिम्मेदार ठहराने वाले तृणमूल कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं में शामिल हो गए. मित्रा ने कहा था कि उन्होंने इसलिए पार्टी छोड़ी क्योंकि अभिषेक बनर्जी को ‘छह महीने के लिए पद से हटाने' की उनकी मांग ठुकरा दी गई थी.
ममता बनर्जी ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मदन मित्रा के पार्टी छोड़ने की वजह मंगलवार को उनकी पत्नी और दो बेटों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से भेजा गया समन था. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति (मदन मित्रा) आज गया, उसने कल ही हमें बताया था कि उसे और उसके परिवार को समन मिला है. तभी हमें समझ में आ गया था कि वह पाला बदल सकता है. उसके इस फैसले से अभिषेक का कोई लेना-देना नहीं है.
मैं फिर शुरुआत कर सकती हूं- ममता
ममता बनर्जी दल बदलने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए भावुक भी नजर आईं. उन्होंने कहा कि मैं ‘गद्दारों' की ओर से लोगों से माफी मांगती हूं. मैंने राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए अपना ‘विवेक' नहीं बेचा है. अगर मैंने समझौता किया होता, तो हमें इतनी प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ती. पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी छोड़कर नेताओं के जाने के बावजूद मजबूती का संदेश देते हुए तृणमूल कांग्रेस के इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुझे कोई नहीं रोक सकता। अगर मैं 2004 के बाद फिर से शुरुआत कर सकती थी, तो 2026 के बाद भी दोबारा शुरुआत कर सकती हूं. ममता ने उस दौर को याद किया, जब चुनावी झटकों से उबरने के बाद पार्टी ने आखिरकार पश्चिम बंगाल की सत्ता हासिल की थी. उन्होंने यह भी कहा कि वह कभी भी जनता से जुड़े आंदोलनों से पीछे नहीं हटीं. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंगूर में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ अपनी भूख हड़ताल और कामदुनी से लेकर आरजी कर अस्पताल मामले तक विभिन्न घटनास्थलों पर अपने दौरे का भी उल्लेख किया.
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