विज्ञापन

मालदा कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बागडोगरा एयरपोर्ट से भागने की फिराक में था एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीम आज ही मालदा पहुंचकर जांच शुरू करने वाली है.

मालदा कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बागडोगरा एयरपोर्ट से भागने की फिराक में था एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम
मालदा कांड का मास्टरमाइंड बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार. (फाइल फोटो)
NDTV Reporter

Kaliachak Malda Case Update: पश्चिम बंगाल के मालदा (कालियाचक) में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा भड़काने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. इस पूरे कांड के मास्टरमाइंड माने जा रहे एडवोकेट मोफक्कारुल इस्लाम को बंबंगाल सीआईडी (CID) ने शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, मोफक्कारुल इस्लाम राज्य छोड़कर भागने की फिराक में था. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह बागडोगरा एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाला है. इससे पहले कि वह फरार हो पाता, बंगाल पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर उसे एयरपोर्ट परिसर से ही धर दबोचा.

3 मिलियन फॉलोअर्स वाला नेता

गिरफ्तार आरोपी मोफक्कारुल इस्लाम सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है और उसके करीब 30 लाख (3 Million) फॉलोअर्स हैं. वह उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला है और 2021 में उसने इटाहार विधानसभा सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था. पुलिस के मुताबिक, वह सीएए (CAA), एनआरसी (NRC) और अब मतदाता सूची शुद्धिकरण (SIR) जैसे मुद्दों पर मुस्लिम समुदाय के बीच काफी मुखर रहा है. 2025 में पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी के आने के बाद से वह संगठन में बहुत सक्रिय नहीं था, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए उसका प्रभाव बरकरार था.

एडीजी नॉर्थ बंगाल के. जयरामन ने बताया कि मोफक्कारुल पर लोगों को भड़काने और इस पूरी साजिश को हवा देने का गंभीर आरोप है.

पुलिस ने मानी रेस्क्यू में देरी की बात

इस मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस प्रशासन ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि बंधक बनाए गए न्यायिक अधिकारियों को छुड़ाने में देरी हुई थी. हालांकि, अधिकारियों ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है और कहा है कि घटना की जांच की जा रही है. सुरक्षा के मद्देनजर, अब सभी न्यायिक अधिकारियों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की सुरक्षा मुहैया करा दी गई है.

अब तक 35 गिरफ्तार, ISF और AIMIM से जुड़े तार

बताते चलें कि मालदा कांड में पुलिस अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों के तार ISF और AIMIM जैसे दलों से जुड़े हैं. इनमें मोथाबारी से ISF उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली और उनके साथी भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ही 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा जा चुका है. 

आखिर मालदा में उस रात हुआ क्या था?

मामला बीते बुधवार का है, जब मालदा के कालियाचक में SIR का काम चल रहा था. इस दौरान कुछ लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जाने पर भीड़ उग्र हो गई. प्रदर्शनकारियों ने तीन महिला अधिकारियों सहित कुल सात न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक एक ब्लॉक ऑफिस में बंधक बनाए रखा. हैरानी की बात यह है कि इन अधिकारियों को न खाना मिला और न पानी.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच करेगी NIA

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे न्याय प्रशासन में बाधा डालने की एक ढीठ कोशिश करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच NIA को सौंप दी है. फिलहाल, चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति के कहीं भी भीड़ इकट्ठा होने या जुलूस निकालने पर सख्त पाबंदी है. राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को भी कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 

'यह हिंसा नहीं, प्रक्रिया की विफलता है'

इस बीच, मालदा से कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने घटना को अलग नजरिए से पेश किया है. उन्होंने कहा कि वह इसे 'हिंसा' नहीं कहेंगे. उनके मुताबिक, कुछ जगहों पर टायर जलाए गए थे, लेकिन असली मुद्दा मतदाताओं के अधिकारों का है. सांसद ने आरोप लगाया कि बंगाल में SIR की प्रक्रिया पूरी तरह अपारदर्शी है. उन्होंने कहा कि यह जनता की नहीं बल्कि पूरी प्रक्रिया की विफलता है.

'DATTA' बना 'DUTTA', जनता में दहशत

ईशा खान ने तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में भी यह मुद्दा उठा था कि बंगाल में AI का गलत इस्तेमाल हो रहा है. सॉफ्टवेयर बंगाली नामों को ठीक से पढ़ नहीं पा रहा है. उदाहरण के तौर पर, 'DATTA' का अंग्रेजी अनुवाद 'DUTTA' हो रहा है, जिससे लोगों के दस्तावेज मैच नहीं हो रहे. इस तकनीकी गड़बड़ी और सरकारी अधिकारियों की कमी की वजह से लाखों लोग प्रभावित हैं. सांसद के अनुसार, मालदा में करीब 8.28 लाख लोग इस बात से परेशान हैं कि उनके नाम लिस्ट में रहेंगे या नहीं.

प्रक्रिया में गड़बड़ी है तो जनता क्यों भुगते?

सांसद ने कहा कि लोगों को उनके घरों से 10-12 किलोमीटर दूर बुलाया जा रहा है, जिससे भारी अराजकता फैली है. सुजांगपुर, माधबादी और मालतीपुर जैसे इलाकों में लाखों लोग प्रभावित हैं और उन्हें कोई अपडेट नहीं दिया जा रहा. ईशा खान ने टीएमसी और बीजेपी पर द्विध्रुवीय राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि दोनों दल लोगों को डरा रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर प्रक्रिया में गड़बड़ी है, तो आम मतदाता और भारतीय नागरिक क्यों भुगतें?

ये भी पढ़ें:- बंगाल में ऐसा क्या हुआ कि आधी रात के बाद फोन लगाते रहे CJI, 7 पेज के ऑर्डर में मालदा हॉरर की पूरी कहानी

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Malda Mastermind Arrested, Advocate Mofakkarul Islam
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com