तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे ने पार्टी में हलचल मचा दी है, क्योंकि उन्होंने खुलकर भ्रष्टाचार, संगठन के भीतर माहौल और RG कर केस जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठाए हैं.
महिला विंग प्रमुख पद से इस्तीफा
काकोली घोष दस्तीदार ने ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष समेत सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वह ऐसे पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं समझतीं, जहां महिला सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार को रोका न जा सके और शीर्ष नेतृत्व से सहयोग न मिले.
TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar resigned from her post as the president of All India Trinamool Mahila Congress wing.
— ANI (@ANI) May 27, 2026
Her letter reads, "...During my tenure, it has not been possible to stop the inappropriate behaviour of another educated woman MP towards women MPs, nor has… pic.twitter.com/ZhXAZ77bT8
पार्टी के भीतर माहौल पर सवाल
इस्तीफे में काकोली ने एक अन्य सांसद के व्यवहार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी में गरिमा बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्कृति की जगह अपारदर्शी और बाहरी प्रभाव हावी हो रहे हैं.
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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी
काकोली ने राशन वितरण घोटाले, शिक्षक भर्ती घोटाले और प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों ने आम जनता के बीच गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा किया है. उन्होंने माना कि इन घटनाओं ने उनकी अंतरात्मा को झकझोर दिया.
आरजी कर मेडिकल केस का जिक्र
उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत और कथित साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोपों को भी उठाया. काकोली के मुताबिक, इस घटना ने पूरे समाज को हिला दिया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा नैतिक झटका लगा.
I-PAC पर भी निशाना
इस्तीफे में चुनाव रणनीतिकार I-PAC पर भी सवाल उठाए गए. काकोली ने कहा कि बाहरी एजेंसियों का बढ़ता प्रभाव और उनके काम करने के तरीके ने पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा किया और संगठनात्मक ढांचे को नुकसान पहुंचाया है.
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पार्टी नहीं छोड़ी, कार्यकर्ता बनकर रहेंगी
हालांकि, काकोली घोष दस्तीदार ने साफ किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी निजी नाराजगी का नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का है. वह एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में लोगों के बीच काम करती रहेंगी.
चुनावी झटके के बाद बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि हालिया चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद काकोली ने पहले ही बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. उत्तर 24 परगना में मजबूत पकड़ रखने वाली काकोली का यह कदम TMC के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है.
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