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TMC को बड़ा झटका: सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार और आरजी कर केस पर उठाए सवाल

TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा देकर पार्टी को झटका दिया है. उन्होंने भ्रष्टाचार, महिला सांसदों के साथ व्यवहार, RG Kar केस और I-PAC के प्रभाव पर सवाल उठाए हैं, हालांकि उन्होंने साफ किया कि वे पार्टी नहीं छोड़ रही हैं.

TMC को बड़ा झटका: सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, भ्रष्टाचार और आरजी कर केस पर उठाए सवाल
कोलकाता:

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बड़ा फैसला लेते हुए पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे ने पार्टी में हलचल मचा दी है, क्योंकि उन्होंने खुलकर भ्रष्टाचार, संगठन के भीतर माहौल और RG कर केस जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठाए हैं.

महिला विंग प्रमुख पद से इस्तीफा

काकोली घोष दस्तीदार ने ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस की अध्यक्ष समेत सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया. अपने पत्र में उन्होंने कहा कि वह ऐसे पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं समझतीं, जहां महिला सांसदों के साथ अनुचित व्यवहार को रोका न जा सके और शीर्ष नेतृत्व से सहयोग न मिले.

पार्टी के भीतर माहौल पर सवाल

इस्तीफे में काकोली ने एक अन्य सांसद के व्यवहार पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पार्टी में गरिमा बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्कृति की जगह अपारदर्शी और बाहरी प्रभाव हावी हो रहे हैं.

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भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कड़ी टिप्पणी

काकोली ने राशन वितरण घोटाले, शिक्षक भर्ती घोटाले और प्रशासनिक अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन मामलों ने आम जनता के बीच गहरा आक्रोश और अविश्वास पैदा किया है. उन्होंने माना कि इन घटनाओं ने उनकी अंतरात्मा को झकझोर दिया.

आरजी कर मेडिकल केस का जिक्र

उन्होंने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत और कथित साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोपों को भी उठाया. काकोली के मुताबिक, इस घटना ने पूरे समाज को हिला दिया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा नैतिक झटका लगा.

I-PAC पर भी निशाना

इस्तीफे में चुनाव रणनीतिकार I-PAC पर भी सवाल उठाए गए. काकोली ने कहा कि बाहरी एजेंसियों का बढ़ता प्रभाव और उनके काम करने के तरीके ने पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष पैदा किया और संगठनात्मक ढांचे को नुकसान पहुंचाया है.

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पार्टी नहीं छोड़ी, कार्यकर्ता बनकर रहेंगी

हालांकि, काकोली घोष दस्तीदार ने साफ किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रही हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी निजी नाराजगी का नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी का है. वह एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में लोगों के बीच काम करती रहेंगी.

चुनावी झटके के बाद बढ़ा दबाव

गौरतलब है कि हालिया चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद काकोली ने पहले ही बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था. उत्तर 24 परगना में मजबूत पकड़ रखने वाली काकोली का यह कदम TMC के लिए बड़ा सियासी झटका माना जा रहा है.

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