- कोलकाता के नेताजीनगर पुलिस स्टेशन इलाके में एक कार से 38 लाख रुपये की नकदी बरामद की.
- नकदी बरामदगी एनएससी बोस रोड पर नाका चेकिंग के दौरान टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र से हुई.
- पुलिस ने नकदी बरामदगी की जानकारी आयकर विभाग को दे दी है और कानूनी प्रक्रिया जारी है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले निगरानी एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. इसी कड़ी में कोलकाता के नेताजीनगर पुलिस स्टेशन इलाके में स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कार से करीब 38 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. यह बरामदगी एनएससी बोस रोड पर नाका चेकिंग के दौरान हुई, जो टॉलीगंज विधानसभा इलाके में आता है.
यह कार्रवाई चुनावी आचार संहिता के मद्देनजर चल रही नियमित निगरानी के दौरान की गई. संदिग्ध गतिविधि के आधार पर वाहन को रोका गया और तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई. फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दे दी गई है.
चुनाव से पहले बढ़ी सख्ती
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान इस तरह की बरामदगी को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिना वैध दस्तावेज के बड़ी मात्रा में नकदी ले जाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जा सकता है. इसी वजह से चुनाव आयोग के निर्देश पर पूरे राज्य में SST और फ्लाइंग स्क्वॉड की तैनाती बढ़ा दी गई है, जो लगातार वाहनों की जांच कर रहे हैं.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद नकदी का स्रोत क्या है और इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया जाना था. चुनावी माहौल को देखते हुए जांच एजेंसियां इस पहलू पर विशेष ध्यान दे रही हैं कि कहीं यह पैसा चुनावी गतिविधियों जैसे वोट प्रभावित करने या अवैध खर्च से तो जुड़ा नहीं है.
टॉलीगंज सीट का राजनीतिक महत्व
टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र कोलकाता की महत्वपूर्ण सीटों में से एक है, जहां हर चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है. ऐसे में इस तरह की बरामदगी राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर सकती है और विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है.
चुनावी माहौल पर असर
पश्चिम बंगाल में चुनाव हमेशा से हाई-वोल्टेज और संवेदनशील रहे हैं. नकदी बरामदगी की ऐसी घटनाएं न सिर्फ प्रशासनिक सख्ती को दर्शाती हैं, बल्कि यह भी संकेत देती हैं कि चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए एजेंसियां किसी भी स्तर पर कार्रवाई करने को तैयार हैं.
टॉलीगंज में हुई यह बरामदगी सिर्फ एक आपराधिक या प्रशासनिक मामला नहीं, बल्कि चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा संकेत है. आने वाले दिनों में जांच के नतीजे यह तय करेंगे कि यह मामला सामान्य वित्तीय उल्लंघन था या इसके पीछे कोई बड़ा चुनावी कनेक्शन छुपा है.
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