'NDTV ने दिखाया कि एयरपोर्ट पर क्या हुआ था' : बागी विधायकों पर बोले CM उद्धव ठाकरे

शिवसेना के बागी विधायक अभी भी गुवाहाटी के 196 कमरों वाले पांच सितारा होटल में हैं, जो एक सप्ताह के लिए पूरी तरह से बुक है.

मुंबई:

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने पत्रकारों और जनता के साथ देर रात जूम कॉल के जरिए अपनी पार्टी के विधायक एकनाथ शिंदे और 21 अन्य बागियों के सोमवार की रात मुंबई से बाहर निकलने के तरीके की कड़ी निंदा की. इन विधायकों ने असम के गुवाहाटी के एक फाइव स्टार होटल में डेरा डाला हुआ है. बागी विधायकों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है. ठाकरे ने कहा कि शिवसेना के सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस साथ में मजबूती से खड़े हैं, लेकिन जिस चीज ने उन्हें सबसे ज्यादा चोट पहुंचाई, कि खुद के ही लोगों ने पीठ में छुरा घोंप दिया. सीएम ठाकरे ने कहा, 'हमारी पीठ में खुद ही के लोगों ने छुरा घोंपा है.' उन्होंने बताया कि कैसे शिवसेना के विधायकों ने सोमवार रात मुंबई से सूरत के लिए चुपके से उड़ान भरी.

संकट की पूरी गंभीरता अगली रात तब सामने आई, जब बागी विधायकों को सूरत हवाई अड्डे पर देखा गया. उस दौरान वे विधायक असम में गुवाहाटी के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे. उन्हें गुजरात पुलिस एस्कॉर्ट कर रही थी. गुवाहाटी में उन्हें राज्य पुलिस द्वारा होटल तक ले जाया गया.

Video : बाग़ी विधायक एयरपोर्ट पर भागते आए नज़र, मीडिया के सवालों से भी कर रहे थे किनारा

ठाकरे ने शुक्रवार रात जूम कॉल में कहा, 'एनडीटीवी ने आपको दिखाया है कि हवाई अड्डे पर क्या हुआ. उनके पास दो-तिहाई संख्या नहीं है, इसलिए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा. वे भाजपा पर निर्भर हैं.'

बागी अभी भी गुवाहाटी के 196 कमरों वाले पांच सितारा होटल में हैं, जो एक सप्ताह के लिए पूरी तरह से बुक है. जिससे साफ जाहिर ही कि विधायक लंबी लड़ाई लड़ने के लिए वहां पहुंचे हैं.

महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर द्वारा एकनाथ शिंदे सहित 16 बागी विधायकों को अयोग्यता का नोटिस जारी करने की संभावना है, जैसा कि टीम ठाकरे की मांगा थी, और सोमवार को होने वाली कार्यवाही के लिए बागी विधायकों को मुंबई में मौजूद होना आवश्यक है.

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टीम ठाकरे के अयोग्य ठहराए जाने के लिए और बागी विधायकों की तलाश करने की संभावना नहीं है, क्योंकि इससे भाजपा को फायदा होगा. ऐसा लगता है कि शिवसेना का ये कदम कुछ विद्रोहियों को चुनाव का सामना करने से हतोत्साहित करने के लिए उठाया गया है, इसलिए उन्हें असम से लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है.