सियासी उथल पुतल के बीच रविवार से महाराष्ट्र विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र शुरू हुआ. सत्र के पहले दिन यानी रविवार को एक साल से खाली स्पीकर पद के लिए चुनाव हुआ, जिसमें एकनाथ शिंदे गुट के राहुल नार्वेकर के महाराष्ट्र विधानसभा के नए स्पीकर चुने गए. समर्थक विधायकों की संख्या गिनकर अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया की गई, जिसमें राहुल को 164 वोट मिले. बता दें कि शिंदे गुट और बीजेपी की ओर से पूर्व शिवसेना नेता राहुल नार्वेकर को उम्मीदवार बनाया गया था. उद्धव खेमे की ओर से राजन साल्वी ने नामांकन दाखिल किया था. वहीं देर रात महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट (Maharashtra Floor Test) को लेकर बीजेपी और शिवसेना के शिंदे गुट की साझा बैठक में रणनीति बनी. इस बैठक में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस औऱ सीएम एकनाथ शिंदे समेत तमाम विधायक भी मौजूद थे.
इधर, सत्र से पहले विधानभवन में स्थित शिवसेना विधिमंडल पार्टी के कार्यालय को बंद किया गया था. उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट के बीच जारी मतभेद के बीच इस कार्यालय को बंद रखा गया था. हालांकि, अबतक यह साफ नहीं हो पाया है कि किसके कहने पर इसे बंद किया गया है.
बता दें कि महाविकास अघाड़ी का हिस्सा कांग्रेस ने सियासी संकट के बीच विधानसभा अध्यक्ष पद का चुनाव कराने के फैसले को चुनौती दी थी. उन्होंने राज्यपाल का एक पत्र पेश किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अदालत में मामला लंबित होने के कारण स्पीकर का चुनाव संभव नहीं है. हालांकि, सत्ता परिवर्तन के साथ राज्यपाल का रुख बदल गया है. ऐसे में उद्धव खेमे की ओर से उनकी लगातार आलोचना की जा रही है. उनका कहना है कि राज्यपाल पक्षपात कर रहे हैं.
उधर, फ्लोर टेस्ट को लेकर शिवसेना के शिंदे गुट और ठाकरे गुट ने अलग-अलग व्हिप जारी कर रखा है. ऐसे में देखना होगा कि विश्वास मत परीक्षण के दौरान कौन किस तरह से मतदान करता है.