- झांसी में रतलाम जा रही शताब्दी बस में अचानक आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई
- ड्राइवर की सतर्कता से यात्रियों को बस से उतारकर उनकी जान बचाई गई और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई
- आग लगने के समय बस में करीब पच्चीस से तीस यात्री सो रहे थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे
यूपी के झांसी में सवारियों को लेकर रतलाम जा रही शताब्दी बस में अचानक भीषण आग लग गई. जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई. गनीमत रही कि ड्राइवर की सर्तकता से बस के यात्रियों ने उतरकर अपनी जान बचाई और इसकी सूचना फायर बिग्रेड को दी. कुछ यात्रियों ने बस की खिड़कियों से कूदकर खुद को बचाया. सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड ने जब तक बस में लगी आग को बुझाया वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई और उसमें रखा यात्रियों का सामान भी जल गया.
हादसे के वक्त बस में सो रहे थे लोग
जानकारी के अनुसार, शताब्दी ट्रेवल्स की बस लखनऊ से सवारियों को लेकर रतलाम जा रही थी. बस में करीब 25 से 30 सवारियां थी. बस रात्रि में करीब सवा एक बजे झांसी पहुंची और इलाइट चौराहे से दो सवारियों को बैठाया. इसके बाद रतलाम के लिए चल दी. ड्राइवर के अनुसार बस अभी इलाइट से चलकर पहुच पुल के पास पहुंची तभी ब्रेकर आने पर बस उछली और लाइट चली गई. यह देख बस को खड़ा कर चेक किया, इसी दौरान एक तार इंजन से टच हुआ और आग लग गई. यह देख उसने आनन-फानन में शोर मचाकर बस की सवारियों को नींद से जगाया और नीचे उतारा. सवारियां नीचे उतरी हीं थी कि आग विकराल हो गई और बस को पूरी तरह से चपेट में ले लिया. इसकी सूचना फायर बिग्रेड और पुलिस को दी. पुलिस व फायर बिग्रेड मौके पर पहुंची और आग को बुझाने का प्रयास शुरु कर दिया.

जान तो बची लेकिन सामान जलकर हुआ खाक
सवारियों का कहना है कि बस में बच्चे और महिलाएं भी थी. कोई उज्जैन जा रहा था तो कोई रतलाम. बस में जब आग लगी तो वह काफी दहशत में आ गए. गनीमत रही कि सभी समय रहते बस से उतर गए नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था. मौके पर आई फायर बिग्रेड जब तक आग को बुझाती बस में रखा हम लोगों का पूरा सामान जलकर खाक हो गया.
एक यात्री मनोज का कहना है कि बस की आग में उसके पैसे और सामान जल गए हैं. इतना भी समय नहीं मिला कि सामान उठा लें, बस गनीमत है कि यात्रियों की जान बच गई. अब इस हाल में खड़े कि हमारी कोई व्यवस्था भी नहीं बन पाई है.
एक अन्य यात्री ललित ने बताया कि हम लोग मुम्बई के रहने वाले हैं और अभी कानपुर आए थे. कानपुर से उज्जैन जा रहे थे. बस में आ लग गई, ड्राइवर ने समय रहते हमें नीचे उतार दिया और जान बच गई लेकिन सामान जल गया है. जब आग लगी उस समय बस में करीब 25-30 सवारियां थी, उनमें महिलाएं और बच्चे भी थे.
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