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फ्लाइट में लाउड म्यूजिक वालों की खैर नहीं! सहयात्रियों को परेशान किया तो तुरंत उठेगा एक्शन, जानिए नया नियम

फ्लाइट में तेज़ संगीत या बिना ईयरफोन गाने बजाना अब मुसीबत खड़ी कर सकता है. सरकार ने कहा है कि ऐसा व्यवहार यात्रियों को परेशान करता है और इसे डीजीसीए के नियमों के तहत “अनरूली बिहेवियर” मानकर कार्रवाई की जा सकती है.

फ्लाइट में लाउड म्यूजिक वालों की खैर नहीं! सहयात्रियों को परेशान किया तो तुरंत उठेगा एक्शन, जानिए नया नियम
  • केंद्र सरकार ने विमान में बिना ईयरफोन के तेज संगीत बजाने को डिसरप्टिव बिहेवियर माना है
  • डीजीसीए के नियमों के तहत ऐसे यात्रियों पर पेनल्टी लगाई जा सकती है और बोर्डिंग से मना भी किया जा सकता है
  • पायलट‑इन‑कमांड के पास अनुशासनहीन यात्रियों को नियंत्रित करने और आवश्यक कदम उठाने का अधिकार होगा
नई दिल्ली:

विमान में तेज आवाज में मोबाइल पर गाने बजाना, रील बनाते समय लाउड संगीत चलाना या सहयात्रियों को परेशान करने वाला कोई भी ऐसा व्यवहार अब मुश्किल में डाल सकता है. केंद्र सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि फ्लाइट में बिना ईयरफोन के तेज संगीत बजाना डिसरप्टिव बिहेवियर की श्रेणी में आ सकता है और इसके लिए यात्रियों पर कार्रवाई भी हो सकती है. लोकसभा में नमक्कल के सांसद वी. एस. माथेस्वरन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ ने बताया कि इस तरह की हरकतें यात्रियों और क्रू मेंबर की सुविधा व सुरक्षा पर असर डालती हैं. इसलिए, डीजीसीए के पास पहले से मौजूद नियमों के तहत ऐसे यात्रियों पर पेनल्टी लगाई जा सकती है.

मंत्री ने बताया कि Aircraft Rules, 1937 में ऐसे कई प्रावधान मौजूद हैं जिनके तहत एयरलाइंस किसी भी यात्री को बोर्डिंग से मना कर सकती है या जरूरत पड़ने पर उसे फ्लाइट से उतार भी सकती है. यदि कोई यात्री बार‑बार चेतावनी के बावजूद अनुशासनहीनता करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

इसके अलावा पायलट‑इन‑कमांड को यह अधिकार है कि वह उस यात्री को रोकने, नियंत्रित करने या आवश्यक कदम उठाने का आदेश दे सकता है, जिसकी हरकतें फ्लाइट की शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर रही हों.

सरकार ने क्या कहा है?

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइंस द्वारा बोर्डिंग या लैंडिंग के दौरान बजाया जाने वाला सॉफ्ट इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक इस नियम के दायरे में नहीं आता. समस्या तब है जब यात्री अपने मोबाइल स्पीकर पर तेज़ आवाज में गाना बजाते हैं या कंटेंट प्ले करते हैं, जिससे आसपास बैठे यात्री परेशान होते हैं.

मुरलीधर मोहोळ ने विमान के अंदर फोटोग्राफी और वीडियो ब्लॉगिंग से जुड़े नियमों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट के अंदर और एयरोड्रम पर फोटोग्राफी के लिए डीजीसीए की पूर्व अनुमति जरूरी होती है. यह नियम यात्रियों और ऑपरेशन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है. सरकार का कहना है कि यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए फ्लाइट में अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है. 

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