दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात गैंगस्टर जगदीश उर्फ जैक को पश्चिम बंगाल के मालदा से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, जगदीश विदेश में बैठे हैरी बॉक्सर-अनिल पंडित-सचिन उर्फ गोलू गैंग का सक्रिय सदस्य है और दिल्ली में हुई दो सनसनीखेज फायरिंग और रंगदारी के मामलों में वांछित था. उसकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल सेल की टीम ने करीब 2,500 किलोमीटर लंबा इंटर-स्टेट ऑपरेशन चलाया. हैरी बॉक्सर और अनिल पंडित लारेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर है जो विदेश में बैठकर उसके गैंग के लिए काम करते हैं.
पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था. इस मामले में स्पेशल सेल इससे पहले 7 जून 2026 को आरोपी के करीबी साथी विकास उर्फ चुहिया को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से गिरफ्तार कर चुकी है. जांच में सामने आया था कि विकास और जगदीश दोनों ही गैंग के लिए हथियार, बाइक और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्था करते थे। यही दोनों दिल्ली में हुई फायरिंग की वारदातों को अंजाम देने में अहम भूमिका निभा रहे थे.
पहला मामला: 5 करोड़ की रंगदारी, फिर जिम पर बरसाईं गोलियां
पुलिस के मुताबिक पहला मामला दिल्ली के छावला थाना इलाके का है. शिकायतकर्ता को 12 जनवरी 2026 को एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर हैरी बॉक्सर बताया और शिकायतकर्ता तथा उसके दोस्त से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी. जब रंगदारी नहीं दी गई तो 19-20 मार्च 2026 की रात बदमाशों ने शिकायतकर्ता के जिम के बाहर पहुंचकर तीन राउंड फायरिंग कर दी.
फायरिंग के कुछ ही देर बाद फिर कॉल कर गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और दोबारा धमकी दी. जांच में सामने आया कि इस फायरिंग में मौके पर पहुंचे तीन आरोपियों में जगदीश उर्फ जैक भी शामिल था.
दूसरा मामला: घर पर फायरिंग कर दी जान से मारने की धमकी
इसके बाद गैंग ने 25-26 जून 2026 की रात एक और वारदात को अंजाम दिया. इस बार दूसरे पीड़ित के घर पर कई राउंड फायरिंग की गई. साथ ही धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं दिए तो अगली बार सीने में गोलियां उतार दी जाएंगी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इस घटना में जगदीश ने हथियार और बाइक उपलब्ध कराई थी और पूरी वारदात के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था. वह गैंग के निर्देश पर काम कर रहा था.
ऐसे चला 2,500 किलोमीटर लंबा ऑपरेशन
दिल्ली में लगातार हो रही रंगदारी और फायरिंग की घटनाओं के बाद स्पेशल सेल ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी. पुलिस ने मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया और लगातार तकनीकी एवं मानव निगरानी की.
28 जून 2026 को हेड कांस्टेबल हरीश को सूचना मिली कि जगदीश पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में छिपा हुआ है. इसके बाद एसआई विनीत पूनिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम तुरंत पश्चिम बंगाल रवाना हुई. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी कमला बाड़ी इलाके के लगभग दो किलोमीटर लंबे आम के बाग में छिपकर रह रहा है. स्पेशल सेल की टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर करीब एक सप्ताह तक लगातार निगरानी की.
आखिरकार 2 जुलाई 2026 की शाम करीब 4:30 बजे पुलिस ने कमला बाड़ी के रेलवे गेट के पास जगदीश उर्फ जैक को दबोच लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर पूछताछ की जा रही है.
विदेश में बैठे गैंगस्टरों के लिए करता था काम
स्पेशल सेल के मुताबिक, जगदीश विदेश में बैठे लारेंस बिश्नोई गैंग के हैरी बॉक्सर, अनिल पंडित और सचिन उर्फ गोलू के गैंग का सक्रिय सदस्य है. यह गैंग भारत में अपने गुर्गों के जरिए व्यापारियों और अन्य लोगों से रंगदारी वसूलने की कोशिश करता है. पैसे नहीं मिलने पर फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देकर दहशत फैलाता है.
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगा रही हैं कि जगदीश और उसके साथियों का संपर्क विदेश में बैठे गैंग सरगनाओं से कैसे होता था, हथियार कहां से आते थे और इस नेटवर्क में अभी और कौन-कौन शामिल है.
आरोपी का आपराधिक प्रोफाइल
पुलिस के अनुसार, 22 साल का जगदीश उर्फ जैक दिल्ली के साबोली इलाके का रहने वाला है. शुरुआती जांच में पता चला है कि वह गैंगस्टरों की चमक-दमक और आलीशान जीवनशैली से प्रभावित होकर इस गैंग से जुड़ा था. वहीं, उसका साथी 21 साल का विकास उर्फ चुहिया पहले भी हत्या और फायरिंग के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है. पुलिस का कहना है कि दोनों युवकों ने कम उम्र में ही अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया और विदेश में बैठे गैंगस्टरों के लिए काम करने लगे.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का फोकस इस बात पर है कि गैंग के बाकी सदस्य कौन हैं, दिल्ली और आसपास के राज्यों में इनके और कौन-कौन से मॉड्यूल सक्रिय हैं तथा भविष्य में होने वाली किसी बड़ी वारदात को कैसे रोका जाए. पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से विदेश में बैठकर भारत में रंगदारी और फायरिंग कराने वाले गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.
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