पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा सदमा दे दिया. मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन में लगी आग में कुल नौ लोगों की मौत हो गई. मृतकों में बांग्लादेश के पत्रकार देवाशीष दत्ता, उनकी पत्नी, दो वर्षीय बेटे और ससुर भी शामिल हैं. यह परिवार इलाज के सिलसिले में भारत आया था, लेकिन एक दर्दनाक हादसे का शिकार हो गया.
इलाज के लिए भारत आया था परिवार
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 37 वर्षीय देवाशीष दत्ता बांग्लादेश के कुस्टिया जिले में 'आजकेर पत्रिका' और चैनल-9 के संवाददाता थे. वह अपनी पत्नी और बेटे के साथ 3 अगस्त को चिकित्सा उपचार के लिए भारत आए थे. उनके ससुर पहले से कोलकाता में मौजूद थे. बताया गया है कि देवाशीष और उनकी पत्नी एक दिन पहले ही बेंगलुरु से कोलकाता पहुंचे थे और परिवार के साथ होटल में ठहरे थे.
तड़के दो बजे मचा हड़कंप
होटल शिखा इन में रात करीब दो बजे अचानक आग लग गई. कुछ ही देर में पूरे भवन में घना धुआं फैल गया. होटल में मौजूद लोग जान बचाने के लिए कमरों से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे. सूचना मिलते ही दमकल और राहत दल मौके पर पहुंचे. बचाव अभियान के दौरान करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन नौ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी.
दम घुटने से हुई अधिकांश मौतें
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश लोगों की मौत आग की लपटों से नहीं बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से हुई. होटल के कई हिस्सों में धुआं तेजी से फैल गया था, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका. संकरे गलियारे और सीमित निकासी मार्गों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया. हादसे के बाद अधिकारियों ने होटल में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में अग्निशमन मानकों की कमी, बेहद संकरे रास्ते और आपातकालीन निकासी संबंधी खामियां सामने आई हैं.
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