प्रतीकात्मक तस्वीर.
नई दिल्ली:
- 'निहंग' योद्धा सिख होते हैं, इनकी उत्पत्ति साल 1699 में गुरु गोबिंद सिंह द्वारा खालसा के निर्माण के वक्त की बताई जाती है. ये हमेशा नीले वस्त्र, नीली पगड़ी धारण किए हुए होते हैं. इसके अलावा ये कृपाण, नेजा, खंडा इस तरह के शस्त्र रखते हैं.
- इनका कहना है कि ये खुद को किसी भी निहत्थे, बेगुनाह, बेजुबान पर अत्याचार के रक्षक मानते हैं.
- पिछले साल निहंग उस वक्त चर्चा में आए थे, जब एक निहंगों के समूह ने पटियाला में एक पुलिसकर्मी के हाथ काट दिए थे. पुलिसकर्मी ने उनसे कोरोना लॉकडाउन के दौरान 'पास' दिखाने को कहा था.
- पहले सिख शासन (1710-15) के पतन के बाद जब मुगल शासक सिखों को मार रहे थे और अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह दुर्रानी (1748-65) के हमले के दौरान सिख पंथ की रक्षा करने में निहंगों ने प्रमुख भूमिका निभाई थी.
- कहा जाता है कि निहंगों के अपने डेरे और जीवन का एक विशिष्ट तरीका है.
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