- पटना में खान सर और रोशन आनंद सर के बीच चल रही लड़ाई केवल छात्रों को अपने साथ जोड़े रखने से जुड़ा नहीं है.
- NDTV ने इसकी पड़ताल में शिक्षक, दोनों कोचिंग के स्टाफ, स्थानीय निवासी और छात्रों से बातचीत की.
- इस बातचीत में टापर्स की खरीद बिक्री, पटना के कोचिंग हब पर कब्जे की चाहत सहित कई कारण मिले.
Patna Coaching Dispute: पटना का कोचिंग विवाद 6 दिन बाद भी शांत नहीं हो रहा है. एक-एक कर अब इस विवाद में नई कड़ियां जुटती जा रही हैं. ज्ञानबिंदु कोचिंग के टीचर रोशन आनन्द जेल में हैं तो खान सर पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. पटना में कोचिंग हब मुसल्लहपुर (Musallahpur) में आस-पास स्थित दो फेमस कोचिंग सेंटरों खान ग्लोबल स्टडीज (Khan Global Studies) और ज्ञानबिंदु जीएस एकेडमी (Gyan Bindu GS Academy) में चल रही इस लड़ाई की वजह क्या है? इस पूरे विवाद की कैसे शुरुआत हुई? NDTV ने इसकी पड़ताल की है.
NDTV ने पिछले तीन-चार दिन से किसान कोल्ड स्टोरेज के कैंपस में कोचिंग चलाने वाले शिक्षकों, खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े टीचर और स्टाफ, मुसल्लहपुर के स्थानीय निवासी और छात्रों से बातचीत की. बातचीत के बाद इस विवाद की कई कहानियां पता चली.
खान सर पर 10 लाख में टॉपर खरीदने का आरोप
इसी साल फरवरी में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 24 पदों के परिणाम आए. रिजल्ट में अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक पटेल का नाम सबसे ऊपर था यानी टॉपर. रिजल्ट आते ही दोनों कोचिंग ने उसे अपना स्टूडेंट बता दिया. रिकॉर्ड तक दिखाया. खान सर ने दावा किया कि 24 में से 18 स्टूडेंट उनकी कोचिंग से हैं.
रोशन आनन्द ने भी टॉपर पर दावा किया. 28 मार्च को अभिषेक पटेल खान सर से मिलने चले गए. सम्मान हुआ. यह बात रोशन आनन्द को बुरी लगी. रोशन आनन्द ने अभिषेक पटेल के साथ व्हाट्सअप चैट पब्लिक कर दी. चैट में अभिषेक रौशन आनन्द से कोर्स के बारे में बात कर रहे हैं. रोशन आनन्द ने खान सर पर 10 लाख रुपए देकर टॉपर खरीदने का आरोप लगाया.
FRO Rank-01 ( Abhishek Patel) को 10 लाख में खरीदकर दिखा रहा 🤑 | Forest R... https://t.co/hoqGqqH14G via @YouTube
— Prabhanshu Ranjan (@prabhanshu_1994) June 7, 2026
हालांकि अभिषेक ने इन आरोपों को गलत बताया था. यह विवाद काफी सुर्खियों में रहा था. हालांकि यह एकमात्र लड़ाई नहीं थी. हर साल बिहार पुलिस, दारोगा के रिजल्ट के बाद टॉपर्स और संख्या को लेकर बहस तेज हो जाती है.
किसान कोल्ड स्टोरेज पर कब्जे की लड़ाई?
इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा कारण है किसान कोल्ड स्टोरेज कैंपस. मुसल्लहपुर स्थित किसान कोल्ड स्टोरेज सालों से कोचिंग हब के रूप में जाना जाता है. इस कैंपस में 2018-19 तक करीब 20 छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर थे. ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर और खान ग्लोबल स्टडीज भी यहीं संचालित होते हैं. कोविड के बाद कई कोचिंग बंद हुए. खान सर उस दौरान लोकप्रिय हो चुके थे.
उन्होंने अपने कोचिंग का विस्तार किया और उस कैंपस में कई नई बिल्डिंग बनाई, बन्द हुए कोचिंग क्लासेज के हॉल और ऑफिस भी को भी किराए पर ले लिया. यानी किसान कोल्ड स्टोरेज में ज्यादातर क्लासरूम और हॉल अब खान ग्लोबल स्टडीज के पास आ गए.

पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान सर का कोचिंग सेंटर.
Photo Credit: PTI
ज्ञानबिंदु कोचिंग के टीचर आदर्श बोले- पूरे कैंपस पर कब्जा चाहते हैं खान सर
अब कैंपस में महज 6 कोचिंग हैं. ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े शिक्षक आदर्श का आरोप है कि खान सर उस कैंपस पर पूरा कब्जा चाहते हैं. क्योंकि सालों से उस कैंपस का नाम है और बाजार समिति, महेंदू, मुसल्लहपुर हाट के इलाके में कोचिंग संस्थान चलाने के लिए वह बेहतरीन कैंपस है. इसलिए खान सर इस कैंपस में एकाधिकार चाहते हैं. इसमें उन्हें कैंपस में मालिक का भी सपोर्ट मिलता है.
कैंपस के मालिक ने NDTV को क्या बताया?
क्या वाकई कैंपस के मालिक खान सर को फेवर करते हैं? यह जानने के लिए NDTV ने कैंपस के मालिक डॉ आरबी प्रसाद से बात की. वे आरोपों से इनकार करते हैं. वे कहते हैं, "हम यह चाहते हैं कि इस जगह से ज्यादा से ज्यादा रिजल्ट हो, हमें किसी से दुश्मनी नहीं है. न हम किसी को फेवर करते हैं."
हॉस्टल के छात्रों के जरिए एक-दूसरे को टारगेट करने की कोशिश
पटना के कोचिंग हब वाले इस इलाके में हॉस्टल का बड़ा प्रभाव रहता है. यह हॉस्टल अक्सर बुरे कारणों से चर्चा में रहते हैं. छापेमारी के दौरान यहां अक्सर बम-गोला बरामद होता है. मारपीट से लेकर हत्या तक के आरोप हॉस्टल में रहने वालों पर लगा है. सैदपुर हॉस्टल, पटेल हॉस्टल और यूनिवर्सिटी कैंपस के मिंटो, जैक्सन जैसे हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए सरस्वती पूजा शक्ति प्रदर्शन का मौका होता है.
इसमें कोचिंग सेंटर से भी चंदा लिया जाता है. जो कोचिंग जिस हॉस्टल को ज्यादा चंदा देता है, वह उसका ज्यादा प्रिय होता है. हॉस्टल में रहने वाले कुछ लोग कोचिंग सेंटर को मदद करने का वादा करते हैं.
रोशन आनन्द कई बार यह आरोप लगा चुके हैं कि खान सर पटेल हॉस्टल में रहने वाले कुछ लोगों के जरिए उनके खिलाफ साजिश रचते हैं. 2023 में ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ था. डिस्प्ले से लेकर ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी. तब रौशन आनन्द ने खान सर पर आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि हमलावर पटेल हॉस्टल से थे, जिन्हें खान सर के ऑफिस से हॉकी स्टिक, लाठी-डंडे दिए गए थे.
खान सर भी रौशन आनन्द पर बमबारी कराने, दूसरे छात्रावासों के जरिए खान सर के स्टाफ के साथ मारपीट के आरोप लगाते रहे हैं. मार्च 2021 में खान सर ने रौशन आनन्द, उनके भाई प्रिंस सहित अन्य पर क्लासरूम में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप लगाया था. FIR भी दर्ज कराई थी.
एक-दूसरे पर ओछी टिप्पणियां करते खान-रौशन
दोनों टीचर एक-दूसरे का नाम लिए बिना एक-दूसरे पर काफी स्तरहीन टिप्पणी करते रहे हैं. 2023 में खान सर कपिल शर्मा के शो में आए. इस शो के बाद एक क्लास के दौरान रौशन आनन्द ने कहा कि खान सर ने इस शो पर आने के लिए पीआर एजेंसी को लाखों रुपए दिए.
अपने क्लास में वे अक्सर कहते हैं, "रील और रियल में फर्क होता है. रील वाले को छोड़ो, रियल से जुड़ो." सोशल मीडिया पर लोकप्रिय खान सर को उनके विरोधी रील वाला टीचर कहते हैं, रोशन आनंद भी उनके खिलाफ यह कहते रहे हैं. रोशन आनन्द के स्टूडेंट भी खान सर को रील वाला शिक्षक बताते हैं.
वहीं खान सर रोशन आनन्द पर उनके सहारे लोकप्रियता हासिल करने का आरोप लगाते हैं. कई लोग रोशन आनन्द के कोचिंग को दारोगा फैक्ट्री कहते हैं. खान सर के स्टूडेंट बताते हैं कि कई बार खान सर कहते हैं, "फैक्ट्री में मत जाओ, फैक्ट्री में जाओगे तो मजदूर बनोगे. सोच लो, मजदूर बनना है कि अधिकारी."
इसे दारोगा फैक्ट्री यानी ज्ञान बिंदु पर कटाक्ष माना जाता है. इसके अलावा में इंटरव्यू में परोक्ष रूप से रौशन आनन्द पर हमले कराने का आरोप लगाते रहे हैं.
ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों मार्केट पर वर्चस्व की लड़ाई!
इन तमाम लड़ाइयों के केंद्र में ऑनलाइन - ऑफलाइन मार्केट में वर्चस्व की लड़ाई भी है. पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे ऋषभ कहते हैं, "ऑनलाइन कोचिंग में खान ग्लोबल का एकछत्र राज है तो ऑफलाइन मार्केट में ज्ञान बिंदु के पास खान ग्लोबल स्टडीज से ज्यादा स्टूडेंट हैं."
यही वजह थी कि रोशन आनन्द के समर्थन में हजारों छात्र इकट्ठा हो गए थे. दोनों टीचर एक-दूसरे के वर्चस्व वाले सेगमेंट में अपना दबदबा बनाना चाहते हैं. विवाद की एक वजह यह भी है.

दर्जनों बार मारपीट, कई बार लहूलुहान हुए स्टाफ
2017 से दोनों कोचिंग इसी कैंपस में हैं. नाम न उजागर करने की शर्त पर इसी कैंपस में रहने वाले एक कर्मी बताते हैं कि दोनों कोचिंग के स्टाफ के बीच 3-4 महीने में अक्सर मारपीट होती है. एक बार ज्ञान बिंदु कोचिंग क्लास में एग्जॉस्ट फैन लग रहा था, तभी दीवार से ईट का एक टुकड़ा खान सर की कार पर गिर गया.
उस समय दोनों भिड़ गए थे. एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी थी. 2019 में खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ. बम फेंके गए. 2023 में रौशन आनन्द के भाई पर हमला हुआ. डिस्प्ले तोड़ दिया गया. भाई को सर में गंभीर चोटें आई थी, सर फट गया था. 8 टाँके आए थे. यानी मारपीट की घटनाएं भी पुरानी हैं.
हालिया विवाद भले ही पोस्टर हटाने, पोस्टर लगाने से शुरू हुआ हो. लेकिन इसके पीछे लंबी कहानी है. जिसका अंतिम उद्देश्य पूरे कोचिंग मार्केट पर कब्जे का है.
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