- कांग्रेस ने वीडी सतीशन को केरल का नया मुख्यमंत्री चुना, जिन्होंने मंत्री पद कभी नहीं संभाला था
- सतीशन को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता का व्यापक समर्थन मिला, इसलिए वेणुगोपाल से आगे रहे
- सतीशन ने कहा कि वे सभी के साथ मिलकर काम करेंगे और आलोचना को लोकतंत्र का हिस्सा मानते हैं
केरलम के मुख्यमंत्री को लेकर 10 दिन तक बना सस्पेंस गुरुवार को खत्म हो गया. कांग्रेस ने वीडी सतीशन को केरलम का नया मुख्यमंत्री चुन लिया. सतीशन वह नेता हैं, जिन्होंने कभी मंत्री का पद भी नहीं संभाला लेकिन उन्होंने दूसरे दावेदारों- केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला को पीछे छोड़ दिया.
सतीशन के चुने जाने का एक बड़ा कारण ये है कि उन्हें कांग्रेस कार्यकर्ताओं, आम जनता और जमीनी स्तर पर पार्टी के कैडरों का जबरदस्त समर्थन हासिल है. यही कारण है कि वेणुगोपाल के पास 50 से ज्यादा विधायकों का समर्थन था लेकिन कांग्रेस ने सतीशन का नाम चुना.
NDTV से इंटरव्यू में क्या बोले सतीशन?
सतीशन ने अपने इस बड़े ओहदे पर पहुंचने के तुरंत बाद NDTV से कहा, 'लोकतंत्र एक संवाद है. और यही हो रहा है. कांग्रेस पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है. यह प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है. उन्होंने सभी विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की है, और फिर यह फैसला लिया है.'
अपनी नई भूमिका को लेकर अपनी सोच के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि वह सभी के साथ मिलकर काम करेंगे. उन्होंने कहा, 'हम उन सभी के साथ सहयोग करेंगे. मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है. जो लोग मेरी आलोचना करते हैं, यह उनका अधिकार है. यह उनका हक है. सिर्फ मुख्यमंत्री ही नहीं, विपक्ष के नेता की भी आलोचना की जा सकती है. उन्हें इसका पूरा अधिकार है.'
#NDTVExclusive | Keralam Chief Minister designate VD Satheesan speaks exclusively to NDTV, credits his victory to team UDF pic.twitter.com/QtFQ1dAqIg
— NDTV (@ndtv) May 14, 2026
कांग्रेस नेता ने विधानसभा चुनावों में पार्टी की सफलता का श्रेय टीम UDF को दिया, जिसने विधानसभा चुनाव में 102 सीटें हासिल कीं. उन्होंने कहा, 'मैं असहिष्णु नहीं बनूंगा.' सतीशन ने कहा, 'वे जो कह रहे हैं, मैं उसे सुनूंगा. अगर मुझे कुछ ठीक करना पड़ा, तो मैं करूंगा. वे सभी वरिष्ठ साथी हैं.'
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कांग्रेस में कोई फूट नहीं हैः सतीशन
मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद सतीशन ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी में कोई फूट नहीं है. कांग्रेस पार्टी एकजुट है. विधायक दल का नेता चुनने की एक प्रक्रिया थी. हमारी बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया, और हमने नेता चुनने की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष को सौंपी.'
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल जी ने, सोनिया जी के आशीर्वाद से, यह फैसला लेने से पहले सभी विधायकों, सांसदों, पूर्व PCC अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा किया. उन्होंने फैसला लिया, और हमने उस फैसले को मान लिया. हमारी कई प्राथमिकताएं हैं, क्योंकि हम एक नाज़ुक दौर से गुजर रहे हैं.
उन्होंने पिछली सरकार पर खजाना खाली करने का आरोप भी लगाया. सतीशन ने कहा, 'केरल की आर्थिक हालत बहुत खराब है, और सरकारी खजाना भारी दबाव में है. इसलिए, हमें बहुत काम करना है. हमने केरल की जनता से कई वादे किए हैं, और हम उन्हें पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध और समर्पित हैं.'
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वेणुगोपाल ने क्या कहा?
केरलम के मुख्यमंत्री पद की रेस में वेणुगोपाल का नाम सबसे आगे चल रहा था. उन्हें कांग्रेस के 50 से ज्यादा विधायकों का समर्थन हासिल था. लेकिन इस रेस में सतीशन से हार गए. सतीशन के मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद वेणुगोपाल ने कहा, 'मैं पूरी तरह से संतुष्ट हूं. मैं हाई कमान के फैसले के साथ खड़ा रहूंगा.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं सतीशन को केरल का मुख्यमंत्री चुने जाने पर बधाई देता हूं, और उन्हें और UDF सरकार को अपना पूरा समर्थन दूंगा.'
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