विज्ञापन

BJP के 5, JDS के 6 विधायक तोड़े, कांग्रेस को दिलाई पांचों सीटें... कर्नाटक MLC चुनाव में DK शिवकुमार ने कैसे कराया खेला?

कांग्रेस को 138 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, जिसमें 135 कांग्रेस विधायक, SKP के एक सदस्य और दो निर्दलीय शामिल थे. लेकिन जब वोटों की गिनती हुई तो कांग्रेस को 151 विधायकों का समर्थन मिला. कांग्रेस ने बीजेपी के दो निष्कासित सहित कुल 5 विधायक जबकि जेडीएस के 6 विधायकों से क्रॉस वोटिंग करवाई.

BJP के 5, JDS के 6 विधायक तोड़े, कांग्रेस को दिलाई पांचों सीटें... कर्नाटक MLC चुनाव में DK शिवकुमार ने कैसे कराया खेला?
BJP के दो निष्कासित विधायकों के साथ कर्नाटक सीएम डीके शिवकुमार की यह तस्वीर कल वोटिंग के दौरान सामने आई थी.
NDTV
  • कर्नाटक विधान परिषद चुनाव (MLC) में कांग्रेस ने अपने सभी पांच उम्मीदवारों को जीत दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की.
  • इस परिणाम को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है.
  • इसे BJP और केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है.
बेंगलुरु:

Karnataka MLC Elections 2026: कर्नाटक विधान परिषद चुनाव (MLC) में कांग्रेस ने अपने सभी पांच उम्मीदवारों को जीत दिलाकर बड़ी सफलता हासिल की. BJP को दो सीटें मिलीं, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) (JDS) को हार का सामना करना पड़ा. इस परिणाम को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता माना जा रहा है, जबकि भाजपा और जेडी(एस) के लिए यह झटका है. इसे केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) नेता एचडी कुमारस्वामी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है, जिन्होंने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बनाया था और मुख्यमंत्री शिवकुमार को खुली चुनौती दी थी.

कांग्रेस को संख्याबल से 11 अधिक वोट मिले

कांग्रेस ने अपेक्षा से अधिक समर्थन हासिल करते हुए 11 अतिरिक्त वोट प्राप्त किए. इनमें भाजपा से निष्कासित दो विधायकों के अलावा BJP के तीन और विधायक और जेडी(एस) के छह विधायकों के कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग करने की बात सामने आई है. कांग्रेस महासचिव और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''आज कर्नाटक के इतिहास में एक बड़ा दिन है. यह सिर्फ कांग्रेस के पांच उम्मीदवारों की जीत नहीं, बल्कि कर्नाटक की जनता की जीत है. राज्य के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय लिखा गया है.''

इस चुनाव में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद, वरिष्ठ नेता बीएस शिवन्ना, वरिष्ठ नेता टिप्पणप्पा कामकानूर, एआईसीसी सचिव पीवी मोहन और कांग्रेस कोषाध्यक्ष विनय कार्तिक ने जीत हासिल की. 

138 विधायकों का था समर्थन, मिले 151 वोट

सुरजेवाला ने कहा, ''हमारे अनुमान के अनुसार कांग्रेस को 138 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, जिसमें 135 कांग्रेस विधायक, एसकेपी के एक सदस्य और दो निर्दलीय शामिल थे, लेकिन अंततः हमारे उम्मीदवारों को 151 विधायकों का समर्थन मिला, जो हमारी अपेक्षा से कहीं अधिक था.'' उन्होंने कहा, ''इसके विपरीत भाजपा, जिसके पास दो निर्दलीयों समेत 64 विधायकों का समर्थन था, उसे केवल 56 प्रथम वरीयता वोट मिले, जबकि भाजपा का एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. वहीं 18 सदस्यों वाली जेडी-एस को केवल 14 वोट मिले.''

भाजपा नेता ने माना- हमारे तीन विधायकों ने की क्रॉस वोटिंग

भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने कहा, ''भाजपा उम्मीदवार लिंगराज पाटिल और रघु कौटिल्य विधान परिषद चुनाव में विजयी हुए हैं. हम उन्हें बधाई देते हैं. मतदान के पैटर्न से यह स्पष्ट हुआ है कि हमारे तीन वोट दूसरी तरफ गए हैं.'' उन्होंने कहा, ''हम यह पता लगाएंगे कि किसने विपक्ष के पक्ष में मतदान किया और पार्टी इस पर उचित निर्णय लेगी. जीत की खुशी है, लेकिन हम अपनी गलतियों को भी सुधारेंगे.''

किस उम्मीदवार को मिले कितने वोट?

विजयी उम्मीदवारों में बीके हरिप्रसाद को 30 वोट, टिप्पणप्पा कामकानूर को 30 वोट, पीवी मोहन को 30 वोट, बीएस शिवन्ना को 30 वोट और विनय कार्तिक को 32 वोट मिले. भाजपा के रघु कौटिल्य को 29 वोट और लिंगराज पाटिल को 27 वोट मिले. वहीं जेडी(एस) उम्मीदवार गोविंदराजू को 14 वोट प्राप्त हुए.

कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार को मिले 32 वोट

कांग्रेस के पांचवें उम्मीदवार विनय कार्तिक को 32 वोट मिले, जो पार्टी द्वारा पहले घोषित चार उम्मीदवारों से भी अधिक थे. पहले चार उम्मीदवारों की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कार्तिक का नाम प्रस्तावित किया था. कार्तिक को उनका करीबी सहयोगी और दूर का रिश्तेदार माना जाता है.

भाजपा से निष्कासित दो सहित कुल 5 विधायक तोड़े

अतिरिक्त वोटों में भाजपा से निष्कासित विधायक शिवराम हेब्बार और एसटी सोमशेखर के अलावा भाजपा के तीन अन्य विधायक और जेडी(एस) के छह विधायक भी कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने वाले बताए जा रहे हैं. इसी वजह से भाजपा उम्मीदवार लिंगराज पाटिल शुरुआती दौर में जीत के लिए जरूरी आंकड़े तक नहीं पहुंच सके. जीत के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 27.63 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन उन्हें पहले चरण में केवल 27 वोट मिले.

जेडीएस के गोविंदराजू को मिले सिर्फ 15 वोट

हालांकि जेडी-एस उम्मीदवार गोविंदराजू को केवल 14 वोट मिले, जिसके बाद वोटों के स्थानांतरण (ट्रांसफर) के जरिए एलिमिनेशन राउंड में लिंगराज पाटिल जीत का आंकड़ा पार करने में सफल रहे. चुनाव में कुल 222 वोट डाले गए थे, जिनमें से एक वोट अमान्य घोषित कर दिया गया. यह मत इसलिए खारिज किया गया क्योंकि मतदाता ने वरीयता संख्या सही तरीके से अंकित नहीं की थी.

यह भी पढ़ें - कर्नाटक में BJP के साथ खेला! CM DK के साथ पोज देते दिखे दो विधायक, MLC चुनाव में क्रॉस वोटिंग का डर

लेखक के बारे में
img
प्रभांशु रंजन
चीफ सब एडिटर
2017 में राजस्थान पत्रिका से पेशेवर पत्रकारिता जीवन की शुरुआत. इसके बाद इंडिया न्यूज, दैनिक भास्कर होते हुए NDTV में कार्यरत. डिजिटल से करियर की शुरुआ... और पढ़ें
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Karnataka MLC Elections, Karnataka MLC Election, Karnataka Legislative Council Elections, DK Shivakumar, HD Kumaraswamy
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com