- पूर्व सांसद के. कविता ने पाकिस्तान की नोबेल शांति पुरस्कार की मांग को पूरी दुनिया में मजाक बताया
- पाकिस्तान आतंकवाद के मामले में खराब रिकॉर्ड होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सम्मान का गलत इस्तेमाल कर रहा है
- कविता ने भारत के नागरिकों और नेतृत्व से अपील की कि वे पाकिस्तान के इस कदम का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध करें
पूर्व सांसद के. कविता ने गुरुवार को पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की. दरअसल पाकिस्तानी मीडिया ने छापा कि वह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और विदेश मंत्री इशाक डार के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन की मांग कर रहा है. इस पर कविता ने कहा कि इस कदम से पूरी दुनिया में पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसा ही चलता रहा तो ये लोग हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकियों के लिए भी नोबेल की मांग कर लेंगे.
'यह मजाक से ज्यादा कुछ नहीं'
पूर्व सांसद और 'तेलंगाना जागृति' की संस्थापक कविता ने पाकिस्तान की इस कथित मांग को एक तरह का मजाक बताया. उन्होंने पड़ोसी देश पर आरोप लगाया कि आतंकवाद के मामले में उसका रिकॉर्ड खराब होने के बावजूद वह एक अंतरराष्ट्रीय सम्मान का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है. कविता ने कहा, 'पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश का नोबेल पुरस्कार मांगना, मजाक से ज्यादा कुछ नहीं है. पहले उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के लिए इसकी मांग की थी, अब वे अपने नेताओं के लिए तीन पुरस्कारों की मांग कर रहे हैं. ऐसा लगता है कि भविष्य में वे हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादियों के लिए भी नोबेल पुरस्कार की मांग कर सकते हैं.'
Nobel for Hafiz Saeed and Masood Azhar next?
— Kavitha Kalvakuntla (@RaoKavitha) April 10, 2026
A terror state like Pakistan demanding a Nobel for its leaders is laughable. First, they wanted one for Trump; now they demand three for their own. In the future, they might as well demand one for terrorists like Hafiz Saeed and… pic.twitter.com/fN5h91Vsou
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने हालिया कूटनीतिक और सैन्य घटनाक्रमों के बाद, देश के शीर्ष नेतृत्व के लिए नोबेल शांति पुरस्कार के नामांकन की मांग करने वाले एक प्रस्ताव का समर्थन किया है.
'आतंकी देश का चेहरा बेनकाब करना जरूरी'
कविता ने कहा कि इस मुद्दे को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. उन्होंने भारत के नागरिकों और नेतृत्व से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करें. उन्होंने कहा, 'अभी यह बात मजेदार लग सकती है, लेकिन एक भारतीय होने के नाते मेरा मानना है कि दुनिया के सामने इस आतंकवादी देश का असली चेहरा बेनकाब करना हमारा मूल कर्तव्य है.'
'पाकिस्तान देता रहा है आतंकवाद को बढ़ावा'
कविता ने आगे आरोप लगाया कि पाकिस्तान दशकों से भारत में आतंकवाद को बढ़ावा देने में शामिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह देश उस पुरस्कार से जुड़ने का हकदार बिल्कुल भी नहीं है, जो शांति और सद्भाव को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है.
उनकी इस टिप्पणी से भारत में पाकिस्तान के कथित नोबेल अभियान को लेकर पहले से ही चल रही राजनीतिक आलोचना में और तेजी आने की संभावना है. साथ ही, आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर एक व्यापक बहस भी छिड़ सकती है.
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