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This Article is From Mar 22, 2018

झारखंड में भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका को मिला दूसरी भाषा का दर्जा

मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लिया गया, बिहार राजभाषा (झारखंड संशोधन) अध्यादेश 2018 के प्रारूप को स्वीकृति मिली

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झारखंड में भोजपुरी, मैथिली, मगही और अंगिका को मिला दूसरी भाषा का दर्जा
झारखंड के सीएम रघुवर दास (फाइल फोटो).
रांची: झारखंड सरकार ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में लंबे समय से अनेक समुदायों की चल रही मांग को पूरा करते हुए भोजपुरी, मैथिली, मगही एवं अंगिका को राज्य की दूसरी भाषा का दर्जा दे दिया. मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया.

मंत्री परिषद की बैठक में मगही, भोजपुरी, मैथिली तथा अंगिका को झारखंड राज्य की द्वितीय भाषा घोषित करने के लिए बिहार राजभाषा (झारखंड संशोधन) अध्यादेश 2018 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई.

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इससे पूर्व झारखंड राज्य में उर्दू, संथाली, मुंडारी, हो समेत 12 भाषाओं को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जा चुका है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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