लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच बनाने की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ा है. बेंच के लद्दाख में बैठने से जुड़ा नियम अब लागू हो गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त को इस नियम को जारी किया था. उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 5 सितंबर को इसे लागू करने की तारीख तय की. अब लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच शुरू करने की आगे की तैयारी की जाएगी.
लद्दाख में हाई कोर्ट की बेंच क्यों जरूरी है?
लद्दाख के लोगों को अभी अगर हाई कोर्ट में अपने मामले के लिए जाना पड़ता है, तो उन्हें फिलहाल केंद्र शासित प्रदेश से बाहर जाना पड़ता है. दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इसका मतलब लंबी यात्रा और अतिरिक्त खर्च होता है. लद्दाख की लंबी दूरी, कठिन रास्ते और खराब मौसम भी ऐसी यात्रा को मुश्किल बनाते हैं. ऐसे में हाई कोर्ट की बेंच लद्दाख में होने से लोगों को अपने मामलों के लिए बाहर जाने की परेशानी कम होगी.
बेंच कब से काम करेगी?
नियम लागू होने का मतलब यह नहीं है कि बेंच ने अभी से मामलों की सुनवाई शुरू कर दी है. इसके लिए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के साथ आगे की बातचीत होगी. बेंच कहां बैठेगी, वहां किस तरह की व्यवस्था होगी और जरूरी सुविधाएं कैसे जुटाई जाएंगी, इस पर भी फैसला लिया जाएगा. यानी अभी बेंच शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. सुनवाई शुरू होने में अभी कुछ समय लग सकता है.
नए नियम में क्या कहा गया है?
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच की बैठक संबंधी नियम, 2026 के तहत हाई कोर्ट की बेंच लद्दाख में बैठ सकेगी. नियम में कहा गया है कि इसे उस तारीख से लागू किया जाएगा, जिसे प्रशासक सरकारी राजपत्र में अधिसूचना जारी करके तय करेगा. उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 5 सितंबर को इसके लागू होने की तारीख तय कर दी.

लोगों के करीब न्याय पहुंचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम: वीके सक्सेना
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इसे लद्दाख में न्याय तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. उन्होंने कहा कि लद्दाख में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट की बेंच लोगों के करीब न्याय पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि दूरदराज और सुदूर इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए इससे न्याय तक पहुंच बेहतर होगी और न्याय व्यवस्था उनके लिए ज्यादा सुलभ बनेगी.
उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी आभार जताया. नियम अब लागू हो चुका है, लेकिन बेंच ने अभी काम करना शुरू नहीं किया है. लद्दाख के लोगों के लिए इस फैसले का असली असर तब दिखेगा, जब हाई कोर्ट की सुनवाई केंद्र शासित प्रदेश में ही शुरू होगी. इससे मामलों के लिए बाहर जाने में लगने वाला समय, खर्च और यात्रा की परेशानी कम हो सकती है.
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