विज्ञापन

'हे जगन्नाथ…मेरे बच्चे को बचा लो', 6 साल के मासूम के लिए बोलीं मां, महाप्रभु के सामने छलके आंसू

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर एक मां की भावुक पुकार ने सभी को भावुक कर दिया. 6 साल का बच्चा कैंसर से जूझ रहा है और मां भगवान से उसकी जिंदगी की भीख मांग रही है. आस्था, दर्द और उम्मीद से भरी यह सच्ची घटना हर किसी के दिल को छू रही है.

'हे जगन्नाथ…मेरे बच्चे को बचा लो', 6 साल के मासूम के लिए बोलीं मां, महाप्रभु के सामने छलके आंसू

Jagannath Temple Emotional Video: ‘हे जगन्नाथ… मेरे बच्चे को बचा लो'. पुरी के जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर गूंजती एक मां की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं. गोद में 6 साल के बीमार बेटे को थामे, कांपती आवाज में दुआ मांगती उस मां का दर्द सिर्फ उसका अपना नहीं रहा, बल्कि हर देखने वाले के दिल में उतर गया.  

सिंहद्वार पर भावुक कर देने वाला मंजर

पुरी के श्रीमंदिर के सिंहद्वार के सामने अचानक एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने भीड़ को थमा दिया. एक मां अपने छोटे से बेटे को गोद में लेकर रो रही थी और बार-बार भगवान जगन्नाथ से उसकी जिंदगी की भीख मांग रही थी. उसके आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे और हर शब्द में एक गहरी पीड़ा झलक रही थी.

कांपती आवाज में मां की गुहार

मां की आवाज इतनी भावुक थी कि सुनने वाले खुद को संभाल नहीं पा रहे थे. वह लगातार हाथ जोड़कर कह रही थी. मां बोल रही थी, “हे कालिया ठाकुर… मेरे बच्चे को ठीक कर दो… उसे बचा लो…” मां की आंखों से बहते आंसू और टूटती आवाज साफ बता रही थी कि वह हर उम्मीद का दरवाजा खटखटा चुकी है और अब भगवान ही उसकी आखिरी आस हैं.

गंभीर बीमारी से लड़ रहा 6 साल का मासूम 

बताया जा रहा है कि केंद्रापड़ा जिले के रहने वाले 6 वर्षीय सौम्यरंजन पंडा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं. जिस उम्र में बच्चे स्कूल, खेल और हंसी में मस्त रहते हैं, उसी उम्र में यह बच्चा अस्पतालों के चक्कर और दर्द से भरी जिंदगी जी रहा है. परिवार ने इलाज के लिए हर संभव कोशिश की, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ.

आस्था ही बची आखिरी उम्मीद

जब इलाज के सारे रास्ते कमजोर पड़ने लगे, तब परिवार भगवान की शरण में पहुंचा. वे सौम्य को केले के पत्ते पर लिटाकर मंदिर के सिंहद्वार तक लाए और वहीं बैठकर महाप्रभु से प्रार्थना करने लगे. मां बार-बार रोते हुए कह रही थी कि “हे चक्रनयन प्रभु… सबकी सुनते हो, हमारी भी सुन लो… मेरे बच्चे को स्वस्थ कर दो…”

श्रद्धालु भी हुए भावुक

इस पूरे दृश्य को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भी खुद को रोक नहीं पाए. कई लोगों की आंखें नम हो गईं और सभी ने मन ही मन उस बच्चे के लिए प्रार्थना की. कुछ लोग आगे बढ़कर परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए, तो कुछ दूर खड़े चुपचाप भगवान से दुआ मांगते रहे.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com