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‘मस्जिद थी, है…’ भोजशाला पर ओवैसी के तल्ख तेवर, उमा भारती खुश, दिग्विजय बोले- SC तय करेगा

भोजशाला पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद सियासत गरम है. ओवैसी ने इसे मस्जिद बताकर SC जाने की बात कही, उमा भारती ने फैसले का स्वागत किया, जबकि दिग्विजय सिंह और मौलाना रजवी ने भी कानूनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है.

‘मस्जिद थी, है…’ भोजशाला पर ओवैसी के तल्ख तेवर, उमा भारती खुश, दिग्विजय बोले- SC तय करेगा

मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर पर हाई कोर्ट के फैसले के बाद राजनीति और धर्म दोनों स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. इंदौर खंडपीठ ने इसे मां सरस्वती का मंदिर माना है, जिसके बाद पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की ओर बढ़ रहा है.

ओवैसी: '700 साल से मस्जिद, SC पलटेगा फैसला'

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने फैसले का खुलकर विरोध किया है. उन्होंने दावा किया कि भोजशाला पिछले 700 वर्षों से मस्जिद रही है और यह वक्फ संपत्ति है. ओवैसी ने 1935 के गजट, वक्फ रजिस्ट्रेशन और Places of Worship Act का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नजरअंदाज किया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस फैसले को पलट देगा.

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दिग्विजय सिंह: 'अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना चाहिए'

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि भोजशाला ASI संरक्षित स्मारक है और पूजा-इबादत को लेकर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को करना चाहिए. उन्होंने एएसआई रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि निर्णय पूरी पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर होना चाहिए. उनके मुताबिक यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है.

संत समाज का समर्थन: 'ऐतिहासिक फैसला'

हिंदू संगठनों और संतों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया है. स्वामी विष्णु दास महाराज ने कहा कि यह लंबे संघर्ष के बाद मिला न्याय है. भोज उत्सव समिति के राजेश शुक्ला ने भी खुशी जताई और कहा कि अब बिना बाधा पूजा हो रही है और जल्द मूर्ति स्थापना की उम्मीद है.

उमा भारती ने जताई खुशी

बीजेपी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने हाई कोर्ट के फैसले का खुलकर स्वागत किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जब उन्हें इस फैसले की जानकारी मिली तो वह बेहद खुश हुईं. उमा भारती ने लिखा, 'हाई कोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. सभी तथ्य कोर्ट के सामने रखे गए थे. इस फैसले से मैं रोमांचित हूं, बधाई.' 

मौलाना रजवी: 'मस्जिद थी, है और रहेगी'

ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने कहा, 'कमाल मौला मस्जिद थी, है और कयामत तक रहेगी.' उन्होंने साफ किया कि मुस्लिम समाज इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा, हालांकि शांति बनाए रखने की अपील भी की.

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अब सुप्रीम कोर्ट की ओर नजर

मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है. वहीं हिंदू पक्ष फैसले को न्याय की जीत बता रहा.

सियासी बयानबाजी तेज

साफ है कि भोजशाला विवाद अब देश की शीर्ष अदालत में नया मोड़ ले सकता है. भोजशाला पर हाई कोर्ट के फैसले ने एक बार फिर धार्मिक और राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है. ओवैसी के विरोध और उमा भारती के समर्थन के बीच यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में अंतिम फैसले की ओर बढ़ रहा है, जहां से आगे की दिशा तय होगी.

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