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This Article is From Dec 02, 2015

क्या संदिग्ध ISI एजेंट को 'लेजर ग्रिड' की जानकारी से बढ़ी घुसपैठ?

क्या संदिग्ध ISI एजेंट को 'लेजर ग्रिड' की जानकारी से बढ़ी घुसपैठ?
सांकेतिक तस्वीर
नई दिल्ली: बीते कुछ अरसे से सीमा पर घुसपैठ काफी तेज रही है। क्या इसलिए कि वहां लगी लेजर ग्रिड की जानकारी आईएसआई को थी? दिल्ली पुलिस बता रही है कि आईएसआई के एजेंट इसकी जानकारी सीमा पार तक पहुंचा रहे थे।

बीएसएफ की इंटेलीजेंस विंग का हेड कांस्टेबल लीक कर रहा था सूचनाएं
संदिग्ध आईएसआई एजेंट कैफैतुल्लाह से पूछताछ में पुलिस को सीमा पर घुसपैठ को लेकर चौंकाने वाली जानकारी मिली। पता चला है कि एलओसी पर आतंकी घुसपैठ को रोकने के लिए जो लेजर ग्रिड लगाई गई है उसकी जानकारी बीएसएफ की इंटेलीजेंस विंग का हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद, कैफेतुल्लाह को देता था और फिर कैफेतुल्लाह ये जानकारी पाकिस्तान में आईएसआई तक भेजता था।

क्या है लेजर ग्रिड? समझें क्या है मामला
दरअसल सीमा पर कई स्पॉट ऐसे होते हैं जहां कई कारणों जैसे तकनीकी वजह के चलते लेजर ग्रिड सेक्युरिटी सिस्टम काम नहीं करता। ऐसे स्पॉट की रिपोर्ट बीएसएफ की इंटेलीजेंस विंग तैयार करती है और फिर यही बीएसएफ की फील्ड यूनिट को भेजी जाती है, जिससे वहां लेजर ग्रिड को दुरुस्त किया जा सके। पुलिस के मुताबिक बीएसएफ की इंटीलेजेंस विंग में तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद ये जानकारी कैफेतुल्लाह को भेज देता था, जिससे लेजर ग्रिड ठीक होने से पहले ही सीमापार से आतंकी सुरक्षित रास्ते से भारत आ सकें।

पुलिस ने कैफेतुल्लाह खान से एक सीडी भी बरामद की है, जिसमें वो बीएसएफ और सेना के कई जवानों से बातचीत भी कर रहा है और उन्हें ब्लैकमेल भी कर रहा है। उसके मोबाइल से सैंकड़ो संदिग्ध नंबर भी मिले हैं।

पुलिस की टीमें जम्मू, असम, भोपाल और दार्जिलिंग में छापेमारी कर रही है। पुलिस के मुताबिक कैफेतुल्लाह के गिरोह में आर्मी के दो जवान, एक रिटायर्ड जवान और एक और शख्स शामिल है। उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

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