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This Article is From Mar 09, 2026

ईरान युद्ध का असर: पश्चिम एशिया से 50 इनबाउंड उड़ानों की योजना, सरकार सतर्क

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है. 

ईरान युद्ध का असर: पश्चिम एशिया से 50 इनबाउंड उड़ानों की योजना, सरकार सतर्क
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
  • ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया के हवाई अड्डों से भारत की एयरलाइंस द्वारा 50 उड़ानों के आने की योजना है.
  • एयर इंडिया और इंडिगो सहित अन्य भारतीय एयरलाइंस दुबई और मस्कट जैसे एयरपोर्ट से उड़ानें संचालित कर रही हैं.
  • 7-8 मार्च को पश्चिम एशिया से भारत के लिए कुल एक सौ उड़ानें संचालित की गईं, जिनमें 8 हजार यात्री भारत पहुंचे.
नई दिल्ली:

मिडिल ईस्‍ट में जारी संघर्ष का असर विमान सेवाओं पर पड़ा है और बड़ी संख्‍या में लोग वहां पर फंस गए हैं. केंद्र सरकार के अनुसार ईरान युद्ध से प्रभावित पश्चिम एशिया क्षेत्र के हवाई अड्डों से सोमवार को भारत की एयरलाइंस द्वारा 50 आने वाली उड़ानों की योजना बनाई गई है. यह ऑपरेशन की क्षमता और मौजूद परिस्थितियों के आधार पर संचालित होंगी. भारतीय एयरलाइंस एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो, स्पाइस जेट और अकासा एयर दुबई, अबू धाबी, रास अल खैमाह, फुजैरा, मस्कट और जेद्दा से उड़ानें संचालित करने के लिए तैयार हैं. 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि वह पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है, जो भारत व पश्चिम एशिया के बीच हवाई यात्रा को प्रभावित कर रही है. 

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7 और 8 मार्च को भारतीय एयरलाइंस ने संचालित की 

मंत्रालय के बयान के अनुसार, “उड़ान कंपनियां मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक संचालन समायोजन कर रही हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और उड़ानों का व्यवस्थित संचालन हो.”

7 मार्च को उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस क्षेत्र से भारत के लिए 51 इनबाउंड उड़ानें भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित की गईं, जिनमें 8,175 यात्री भारत पहुंचे. 

8 मार्च को भी भारतीय एयरलाइंस ने इस क्षेत्र के हवाई अड्डों से 49 इनबाउंड उड़ानों की योजना बनाई थी. 

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हवाई अड्डों की स्थिति और टिकट की कीमतों पर नजर 

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस अन्य हवाई अड्डों की स्थिति का लगातार मूल्यांकन कर रही हैं ताकि इन जगहों से और भी उड़ानें संचालित की जा सकें. मंत्रालय एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के साथ लगातार समन्वय में है. 

इसके साथ ही टिकट की कीमतों पर भी नजर रखी जा रही है ताकि कीमतें उचित रहें और इस अवधि में अनावश्यक वृद्धि न हो. 

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित एयरलाइंस से उड़ानों के शेड्यूल के नवीनतम अपडेट लेते रहें. मंत्रालय स्थिति पर निगरानी जारी रखेगा और आवश्यक होने पर आगे अपडेट जारी करेगा. 

10 से 18 मार्च के बीच 78 अतिरिक्‍त उड़ानें 

इसी बीच, एयर इंडिया ने घोषणा की कि वह 10 मार्च से 18 मार्च 2026 के बीच नौ मार्गों पर 78 अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेगी, ताकि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति में यात्रियों को सहायता मिल सके. 

कंपनी ने कहा कि वह न्यूयॉर्क (जेएफके), लंदन (हीथ्रो), फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, कोलंबो और माले के लिए अतिरिक्त क्षमता तैनात कर रही है, जिससे दोनों दिशाओं में 17,660 सीटें उपलब्ध कराई जाएंगी. 

इन उड़ानों में दिल्ली–न्यूयॉर्क, दिल्ली–लंदन, मुंबई–लंदन शामिल हैं, जिससे जब यात्रा विकल्प सीमित हों, तब यात्रियों के लिए आवश्यक क्षमता बढ़ाई जा सके. 

इसके अलावा, फ्रैंकफर्ट, पेरिस, एम्स्टर्डम, ज्यूरिख, माले और कोलंबो से दिल्ली के लिए अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित होंगी. 

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