- थिएटर कमांड के लिए भारतीय सेना तैयारी कर चुकी है
- सीडीएस एन.एस. राजा सुब्रमणि इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देंगे प्रेजेंटेशन
- बनेंगे तीन थिएटर कमांड, लागू होने में लग सकते हैं दो साल
भारतीय सेना में अब तक के सबसे बड़े सैन्य सुधार माने जा रहे इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड को लेकर जल्द बड़ा फैसला हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि इस महीने के आखिर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सामने पूरी योजना का खाका पेश कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में इस योजना का अंतिम मसौदा रक्षा मंत्रालय को सौंप चुके थे. अब उसी मसौदे पर नए सीडीएस विस्तार से प्रेजेंटेशन देंगे. अगर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हैं, तो इसे अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्यॉरिटी के पास भेजा जाएगा.
क्या होगी नई व्यवस्था?
सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव में थिएटर कमांड का ढांचा, कमांड सिस्टम, जिम्मेदारियों का बंटवारा और संचालन की पूरी रूपरेखा बताई जाएगी. इस व्यवस्था का मकसद तीनों सेनाओं थल सेना, नौसेना और वायुसेना को एकीकृत तरीके से काम करने में सक्षम बनाना है. इससे किसी भी सैन्य अभियान के दौरान फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल होगा.
बनेंगे तीन थिएटर कमांड
प्रस्ताव के मुताबिक देश में तीन बड़े थिएटर कमांड बनाए जाएंगे. सभी के जिम्मे अलग-अलग काम होगा. दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इस कमान के बारे में पहल की थी. अब नए सीडीएस इसके बारे में रक्षा मंत्री को पूरी जानकारी देंगे. बताया जा रहा है कि अंडमान और निकोबार कमांड को भी समुद्री ढांचे से जोड़ने का प्रस्ताव है.
-उत्तरी थिएटर कमांड चीन से लगने वाली सीमा की जिम्मेदारी संभालेगा
-पश्चिमी थिएटर कमांड पाकिस्तान से जुड़े मोर्चे की कमान संभालेगा
-मैरीटाइम थिएटर कमांड हिंद महासागर क्षेत्र और समुद्री सुरक्षा से जुड़े अभियानों का नेतृत्व करेगा
लागू होने में लग सकते हैं दो साल
पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान पहले ही कह चुके हैं कि सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच इस सुधार को लेकर सहमति बन चुकी है. हालांकि नई व्यवस्था को लागू करने में समय लगेगा. उनके मुताबिक सरकार की मंजूरी मिलने के बाद थिएटर कमांड को पूरी तरह लागू होने में करीब 18 से 24 महीने लग सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा 17 सैन्य कमांड को एक साथ नहीं बदला जाएगा. यह काम चरणबद्ध तरीके से होगा, ताकि सैन्य तैयारियों पर कोई असर न पड़े.
चार नए फोर-स्टार पद का प्रस्ताव
इस योजना में तीन थिएटर कमांडरों के अलावा वाइस चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का एक नया फोर-स्टार पद बनाने का भी प्रस्ताव है. ये चारों अधिकारी रैंक में सेना, नौसेना और वायुसेना प्रमुख के बराबर होंगे. प्रस्ताव के अनुसार थिएटर कमांडर संयुक्त सैन्य अभियानों का नेतृत्व करेंगे. वहीं तीनों सेना प्रमुखों की भूमिका मुख्य रूप से भर्ती, प्रशिक्षण, संसाधनों के रखरखाव और अपनी-अपनी सेनाओं को युद्ध के लिए तैयार रखने तक सीमित रहेगी.
कई सालों से चल रही है तैयारी
थिएटर कमांड पर काम 2019 में सीडीएस का पद बनने के बाद तेज हुआ था. पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत ने इसकी बुनियाद रखी. उनके बाद जनरल अनिल चौहान ने संयुक्त अभियान, संचार व्यवस्था और खुफिया समन्वय को मजबूत करने पर काम किया. अब इस योजना को अंतिम मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी नए सीडीएस जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि के कंधों पर है.
वायुसेना की चिंताओं को भी शामिल किया गया
सूत्रों का कहना है कि प्रस्ताव में वायुसेना की उन चिंताओं को भी शामिल किया गया है, जो लड़ाकू विमानों और दूसरे हवाई संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़ी थीं. इन्हीं सुझावों के आधार पर अंतिम मसौदा तैयार किया गया है. हालांकि अभी भी यह काम आसान नही हैं. तीनों सेनाओं में कई ऐसे मुद्दे है जिनपर मतभेद बना हुआ हैं ऐसे में नये सीडीएस के लिये यह काम नाकों चने चबाने के बराबर हैं.
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