पाकिस्तान सिंधु जल संधि को रोके जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. पाकिस्तान के कई नेता इसे लेकर भारत को गीदड़भभकी दे चुके हैं. वहीं भारत ने अपना रुख साफ कर दिया है. भारत ने कहा है कि सिंधु जल संधि (IWT) को तब तक रोके रखा जाएगा, जब तक पड़ोसी मुल्क सीमा पर आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं कर देता. भारत ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के आक्रामक रवैये और गीदड़भभकी का कोई असर नहीं पड़ने वाला.
पहलगाम अटैक के बाद भारत ने रोकी सिंधु जल संधि
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने को रोके रखने का फैसला किया था. तब से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से झूठ बोल रहा है कि भारत का यह फैसला उन देशों के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है जो सीमा पार बहने वाली नदियों को साझा करते हैं.
इसके जवाब में, विदेश मंत्रालय (MEA) ने आज पाकिस्तान को कहा कि जब तक वह सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता, तब तक कुछ भी नहीं बदलेगा.
'भारत का रुख पहले जैसा'
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा रहा है. पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने के जवाब में सिंधु जल संधि को रोके रखा गया है. पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के लिए अपना समर्थन भरोसेमंद और पक्के तौर पर छोड़ना होगा.

पाकिस्तान मुश्किल दौर से गुजर रहा
रणनीतिक जानकारों का कहना है कि लंबे समय से आतंकवादियों को पनाह देने वाला पाकिस्तान सिंधु जल संधि रद्द होने की वजह से मुश्किल स्थिति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन वह इसे मानना नहीं चाहता. जिस देश में अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन छिपा हुआ मिला था, वह आज भी आतंकवादियों को भारत, खासकर जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए अपनी जमीन का इस्तेमाल करने देता है.
हाल ही में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने कहा कि उनका देश सिंधु जल संधि स्थगित करने के भारत के फैसले को खारिज करता है और यह ‘अब भी वैध, बाध्यकारी और प्रभावी है.' डार ने दावा किया कि कोई भी पक्ष एकतरफा तौर पर ऐसी संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को निलंबित या समाप्त नहीं कर सकता, जिसमें ऐसा कोई प्रावधान न हो.
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