- सितंबर 2026 में पूरे भारत में औसत से कम बारिश होने की संभावना है, जो लंबी अवधि के औसत से कम है
- जून से अगस्त तक मॉनसून कमजोर रहने के कारण देश में औसत से 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है
- सितंबर में अधिकांश क्षेत्रों में मासिक औसत अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है
जून, जुलाई और अगस्त के बाद अब सितंबर 2026 के दौरान भी पूरे देश में औसत से कम बारिश का पूर्वानुमान है. भारत मौसम विभाग ने सोमवार को जारी अपने ताजा फॉरकास्ट रिपोर्ट में कहा कि सितंबर 2026 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से कम यानी लॉन्ग पीरियड एवरेज का <91% होने की सबसे ज्यादा संभावना है. भौगोलिक रूप से देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है.
सितंबर में भी कम होगी बारिश
इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देशभर में मॉनसून के कमजोर रहने की वजह से 01 जून से 31 अगस्त 2026 के बीच औसत से 14% कम बारिश हुई है. अब सितंबर के लिए जारी ताजा फॉरकास्ट रिपोर्ट एक संकेत है कि इस पूरे मॉनसून सीजन के दौरान जून से सितंबर के बीच देश में औसत से कम बारिश होगी.
भारत मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर महीने के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. अगले महीने मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है.

मॉनसून सीजन पर रहा अल नीनो का साया
इस साल मॉनसून सीजन पर अल-नीनो (El Niño) का साया रहा है. अब भारत मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल में भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है और आने वाले महीनों में इन स्थितियों के और मजबूत होने की उम्मीद है. बारिश की इस कमी का असर महत्वपूर्ण खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ रहा है.
खरीफ फसलों की बुआई पर कृषि मंत्रालय ने अपनी ताजा ऑल इंडिया क्रॉपवाइज प्रोग्रेसिव एरिया सोन रिपोर्ट में कहा है कि 28 अगस्त 2026 तक देशभर में खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल के मुकाबले 18.91 लाख हेक्टेयर तक (-1.73%) घट गयी है.
सबसे ज्यादा गिरावट चावल की बुआई में दर्ज की गई है. कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 28 अगस्त तक चावल की बुआई पिछले साल के मुकाबले देश में 14.36 लाख हेक्टेयर (-3.35%) तक घट गयी है.

सोमवार को अपने ताजा फॉरकास्ट रिपोर्ट में भारत मौसम विभाग ने कहा कि गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल और उससे सटे उत्तरी तटीय ओडिशा और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने 'अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र' के असर से, इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 अगस्त से 1 सितंबर के दौरान, पूर्वी मध्य प्रदेश में 31 अगस्त से 5 सितंबर के दौरान, साथ ही छत्तीसगढ़ में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 के दौरान कहीं-कहीं बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. जाहिर है, अगर अगले कुछ दिन इन राज्यों में अच्छी बारिश होती है, तो वहां बारिश की कमी कुछ भरपाई हो सकेगी.
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