विज्ञापन

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में क्या है खास? 10 सवाल, 10 आसान जवाब-FAQ

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नंबर ट्रेन संख्या 74010 और 74009 है. ट्रेन संख्या 74010 जींद से सोनीपत जाएगी, ट्रेन संख्या 74009 सोनीपत से जींद चलेगी. इसका संचालन रोजाना होगा. जींद से सोनीपत जाने वाली ट्रेन संख्या 74010 रोजाना सुबह 7:40 बजे रवाना होगी, जो 9.40 बजे सोनीपत पहुंचेगी.

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में क्या है खास? 10 सवाल, 10 आसान जवाब-FAQ
हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते पीएम मोदी.
NDTV
  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चली. यह ट्रेन दोनों शहरों के बीच रोज चलेगी.
  • 89 किलोमीटर की दूरी इस ट्रेन ने दो घंटे में तय की. इस दौरान यह 12 स्टेशनों पर रुकी.
  • भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नंबर ट्रेन संख्या 74010 और 74009 है. ट्रेन संख्या 74010 जींद से सोनीपत जाएगी.
जींद:

India's Hydrogen Train: अब भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो चुका है, जहां हाइड्रोजन ने ट्रेन से चलती है. भारत से पहले जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका में हाइड्रोजन ट्रेन चला करती है. शुक्रवार को जींद से पीएम मोदी ने भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने हाइड्रोजन चालित ट्रेन को ‘मेक इन इंडिया' अभियान का एक सफल उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि आज भारतीय रेलवे ने एक बड़ा कदम उठाया है और जींद से सोनीपत के बीच चलने वाली यह हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन चालित ट्रेन है.

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन कहां से कहां तक चली? 

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चली. 17 जुलाई 2026 को पीएम मोदी ने इसे रवाना किया. 89 किलोमीटर की दूरी इस ट्रेन ने दो घंटे में तय की. इस दौरान यह 12 स्टेशनों पर रुकी. भारतीय रेलवे जल्द ही देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन शुरू करने जा रहा है. यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल होगी और बिजली खुद ही हाइड्रोजन से बनाएगी.

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शेड्यूल क्या है?

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का नंबर ट्रेन संख्या 74010 और 74009 है. ट्रेन संख्या 74010 जींद से सोनीपत जाएगी, ट्रेन संख्या 74009 सोनीपत से जींद चलेगी. इसका संचालन रोजाना होगा. जींद से सोनीपत जाने वाली ट्रेन संख्या 74010 रोजाना सुबह 7:40 बजे रवाना होगी, जो 9.40 बजे सोनीपत पहुंचेगी. जबकि सोनीपत से जींद जाने वाली ट्रेन नंबर 74009 सोनीपत से 10:40 बजे रवाना होकर 13:00 बजे जींद पहुंचेगी. 

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्टॉपेज और किराया क्या है?

जीद से सोनीपत जाने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के स्टॉपेज हैं- जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा, बरवासनी. इसका प्राथमिक मेंटेनेंस जींद में होगा. इस ट्रेन का किराया 5 रुपए से 25 रुपए तक है.

हाइड्रोजन से ट्रेन कैसे चलती है?

यह ट्रेन डीजल नहीं जलाती. इसके बजाय हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के बीच रासायनिक प्रक्रिया से बिजली बनती है, जिससे ट्रेन चलती है.
ट्रेन में 2 हाइड्रोजन पावर कार और 8 यात्री कोच होंगे. हर पावर कार 1,200 किलोवाट बिजली बनाएगी. कुल 2,400 किलोवाट क्षमता से ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी. ट्रेन में फ्यूल सेल, लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी और हाइड्रोजन सिलेंडर लगाए गए हैं.

Latest and Breaking News on NDTV

हाइड्रोजन ट्रेन के क्षेत्र में भारत दुनिया में कहां खड़ा है?

जर्मनी दुनिया का पहला देश है जिसने हाइड्रोजन यात्री ट्रेन शुरू की थी. इसके बाद फ्रांस, इटली, चीन और जापान जैसे देश भी इस तकनीक पर काम कर रहे हैं. लेकिन भारत की ट्रेन उनसे अलग है क्योंकि इसमें 10 कोच हैं. लगभग 2,600 यात्रियों की क्षमता है. इसके साथ पूरा हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग नेटवर्क भी तैयार किया गया है.

भारतीय रेलवे ने 2026-27 के लिए 4 नई हाइड्रोजन DEMU ट्रेनें, 35 हेरिटेज ट्रेनों के लिए हाइड्रोजन इंजन, हेरिटेज रूटों पर हाइड्रोजन इंफ्रास्ट्रक्चर और 5 हाइड्रोजन टावर कारों को मंजूरी दी है.

भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे बड़ी हाइड्रोजन यात्री ट्रेन कैसे है?

दुनिया में अभी ज्यादातर हाइड्रोजन ट्रेनें सिर्फ 2 से 4 डिब्बों की हैं और कम दूरी के लिए चलती हैं. लेकिन भारतीय रेलवे की यह ट्रेन 10 कोच वाली होगी और इसमें करीब 2,600 यात्री सफर कर सकेंगे. इस तरह यह दुनिया की सबसे बड़ी क्षमता वाली हाइड्रोजन यात्री ट्रेनों में शामिल होगी.

हाइड्रोजन ट्रेन में सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

ट्रेन और रीफ्यूलिंग स्टेशन में कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है. हाइड्रोजन लीक का तुरंत पता लगाने वाले सेंसर लगाए गए हैं. तापमान, आग और धुएं का पता लगाने वाले डिटेक्टर लगाए गए हैं. इस ट्रेन में लगातार चलने वाली वेंटिलेशन व्यवस्था है, ताकि गैस जमा न हो सके. खतरा होने पर हाइड्रोजन की सप्लाई अपने आप बंद करने वाला सिस्टम है. पूरे सिस्टम की लगातार निगरानी करने वाली डिजिटल स्क्रीन लगाई गई है. आग लगने की स्थिति में ऑटोमैटिक फायर अलार्म और वाटर स्प्रे सिस्टम है. 

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की स्पीड क्या है?

1200 किलोवाट क्षमता वाले हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रणोदन प्रणाली से संचालित यह 10 कोचों वाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन है.
इस ट्रेन को अधिकतम 75 किमी प्रति घंटे की परिचालन गति और 110 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन गति के लिए स्वीकृति दी गई है. इसमें लगभग 2,600 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है.

भारत की हाइड्रोजन योजना क्या है?

भारतीय रेलवे की हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना के माध्यम से भारत अपनी हाइड्रोजन-आधारित परिवहन महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ा रहा है. यह पहल देश के व्यापक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है. यह परियोजना केवल एक नई ट्रेन शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में हाइड्रोजन से चलने वाली रेल सेवाओं के लिए आवश्यक प्रणालियां, अवसंरचना और संस्थागत क्षमताएं विकसित करने का उद्देश्य रखती है.

भविष्य में भारत में हाइड्रोजन ट्रेन कहां-कहां चलेगी?

रेलवे भविष्य में कालका-शिमला हेरिटेज रूट पर भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की योजना बना रहा है. हाइड्रोजन ट्रेन चलने से डीजल पर निर्भरता कम होगी. प्रदूषण लगभग खत्म होगा,  केवल पानी की भाप निकलेगी, ईंधन आयात पर खर्च घटेगा. पर्यावरण के अनुकूल रेल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा.

यह भी पढ़ें - Hydrogen Trains vs Diesel Trains vs Electric Trains: डीजल और इलेक्ट्रिक ट्रेनों से कितनी अलग है हाइड्रोजन ट्रेन

यह भी पढ़ें - Exclusive: 'ट्रेन ही नहीं बड़े ट्रक और शिप भी हाइड्रोजन से चलेंगे', अश्विनी वैष्णव ने बताया आगे का प्लान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Hydrogen Train, Hydrogen Train Cost, Hydrogen Train Fare, Hydrogen Train Fare Route, Hydrogen Train Features
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com