- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी असैन्य परमाणु ऊर्जा की यात्रा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा किया है.
- कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है.
- यह उन्नत रिएक्टर अपनी खपत से अधिक ईंधन उत्पन्न करने में सक्षम है जो वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाता है.
PM मोदी ने एक्स पोस्ट में कहा कि आज भारत अपनी असैन्य परमाणु यात्रा में एक निर्णायक कदम उठा रहा है, जिसके साथ ही उसके परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण आगे बढ़ रहा है. कल्पक्कम में स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित 'प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' ने क्रिटिकैलिटी (criticality) हासिल कर ली है.
Today, India takes a defining step in its civil nuclear journey, advancing the second stage of its nuclear programme.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 6, 2026
The indigenously designed and built Prototype Fast Breeder Reactor at Kalpakkam has attained criticality.
This advanced reactor, capable of producing more fuel…
PM मोदी ने कहा कि यह उन्नत रिएक्टर, जो अपनी खपत से अधिक ईंधन उत्पन्न करने में सक्षम है, हमारी वैज्ञानिक क्षमता की गहराई और हमारी इंजीनियरिंग दक्षता की ताकत को दर्शाता है. यह कार्यक्रम के तीसरे चरण में हमारे विशाल थोरियम भंडारों का उपयोग करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है. भारत के लिए यह एक गौरवपूर्ण क्षण है. हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई.
New epoch in our civil nuclear program.
— Amit Shah (@AmitShah) April 6, 2026
Congratulations to our scientists and engineers for your grand success in building the Prototype Fast Breeder Reactor at Kalpakkam. A giant stride towards global domination in power production, this facility will play a critical role in…
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शान ने एक्स पोस्ट में लिखा, 'हमारे असैनिक परमाणु कार्यक्रम में एक नया युग. कल्पक्कम में 'प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' के निर्माण में मिली शानदार सफलता के लिए हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई. ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में वैश्विक वर्चस्व की दिशा में एक विशाल कदम, यह सुविधा हमारे विशाल थोरियम भंडारों में छिपी शक्ति को उजागर करने और भारत को 'विश्व की ऊर्जा महाशक्ति' बनाने के मोदी जी के विज़न को साकार करने में एक निर्णायक भूमिका निभाएगी.
बता दें कि इससे पहले, मार्च 2024 में पीएम मोदी ने इसी रिएक्टर के 'कोर लोडिंग' प्रक्रिया की शुरुआत का निरीक्षण किया था, जो इसके संचालन की दिशा में पहला बड़ा कदम था. अब क्रिटिकैलिटी हासिल करने के साथ ही भारत रूस के बाद व्यावसायिक रूप से फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला दुनिया का दूसरा देश बनने की राह पर है.
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