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2025 में 22,900 भारतीयों को दुनिया के देशों ने भारत वापिस भेजा, जान लीजिए इसकी वजह

भारतीयों को डिपोर्ट करने में अमेरिका तीसरे नंबर पर है जिसने 3806 भारतीयों को वापस भेज दिया.यहां तक कि मलेशिया ने 1675 और म्यांमार ने 1605 भारतीयों को वापस भारत भेज दिया.सिंगापुर ने 300 भारतीयों को वापस भारत भेजा है.

2025 में 22,900 भारतीयों को दुनिया के देशों ने भारत वापिस भेजा, जान लीजिए इसकी वजह
2025 में भी कई भारतीयों को किया गया डिपोर्ट
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  • सऊदी अरब ने सबसे अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया है, जिसमें जेद्दा और रियाद प्रमुख शहर हैं
  • संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका भी भारतीयों को वापस भेजने में शीर्ष देशों में शामिल हैं
  • अधिकांश डिपोर्ट किए गए भारतीय गलत कागजात या अवैध मार्ग से विदेश जाते हैं और दलालों के शिकार होते हैं
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नई दिल्ली:

दुनिया भर से भारतीयों को गलत वीजा या समुचित कागजात ना होनी की वजह से भारत वापस भेजने के आंकड़े चौंकाने वाले हैं.संसद में इस बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्रालय ने जो आंकड़े दिए हैं उसके अनुसार 2025 में 22,900 भारतीयों को दुनिया भर के देशों ने वापस भारत भेज दिया है.इसमें सबसे अधिक भारतीय सऊदी अरब के द्वारा वापिस भेजे गए हैं. अरब के जेद्दा से 8921 और रियाद से 4335 भारतीयों को वापस भारत भेजा गया वहीं दूसरे नंबर पर संयुक्त अरब अमीरात है जहां दुबई से 7896 और अबू धाबी 1662 लोगों को वापस भेज दिया गया.भारतीयों को डिपोर्ट करने में अमेरिका तीसरे नंबर पर है जिसने 3806 भारतीयों को वापस भेज दिया.यहां तक कि मलेशिया ने 1675 और म्यांमार ने 1605 भारतीयों को वापस भारत भेज दिया.सिंगापुर ने 300 भारतीयों को वापस भारत भेजा है.

वहीं, इंग्लैंड ने केवल 70 भारतीयों को ही वापस भारत भेजा है.जबकि पाकिस्तान,बांग्लादेश,नेपाल ,भूटान और श्रीलंका से एक भी भारतीय वापस नहीं भेजा गया है जबकि मालदीव ने 150 भारतीयों को देश निकाला दिया है. विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा कि वो दुनिया भर के देशों से बातचीत कर रही है खासकर अमेरिका से क्योंकि जब अमेरिका किसी को डिपोर्ट करता है हथकड़ी पहना कर भेजता है.विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो अमेरिकी सरकार से इन लोगों के मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान देने के बारे में लगातार बातचीत कर रही है.

विदेश से वापस भेजे गए अधिकतर लोग गलत कागजात या फिर डंकी रूट से जाते हैं इसके लिए ये नौजवान पहले अपने इलाकों के ऐजेंट के चंगुल में फंस जाते हैं उनको लाखों रूपए पकड़ाते हैं और जब किसी तरह विदेश पहुंच जाते हैं और वापस भेज दिए जाते हैं तो उनको दोहरा नुकसान होता है.विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है कि उन्होंने 3000 से अधिक फर्जी कंपनियों की निशानदेही की है, जो इस धंधे में लगे हैं और उस पर कार्रवाई की जा रही है.

रणजीत सुरजेवाला जिन्होंने ये सवाल पूछा था ने एनडीटीवी को बताया कि विदेश डिपोर्ट किए गए लोगों में अधिकतर नौजवान हैं जो पंजाब हरियाणा राजस्थान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से  आते हैं जो 50 लाख रूपए देकर अपनी जमीन और मकान को गिरवी रख कर अच्छे भविष्य के चक्कर में दलालों के हत्थे चढ़ रहे हैं.ये सरकार की नाकामी है कि उन्हें हथकड़ी पहना कर वापस भेजा जाता है,ये यह भी दर्शाता है कि देश में बेरोजगारी का क्या आलम है.सुरजेवाला ने भारत सरकार से इस मामले पर और भी तवज्जो देने की बात कही है.

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