विज्ञापन

मिडिल ईस्ट संकट पर सरकार की नजर, मंत्रियों के समूह की बैठक में क्या कुछ हुआ

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ऊर्जा आपूर्ति, जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और भारत की सप्लाई चेन की मजबूती को लेकर मंत्रियों के समूह (IGoM) की बैठक हुई. राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हालात पर करीबी नजर रखे हुए है.

मिडिल ईस्ट संकट  पर सरकार की नजर, मंत्रियों के समूह की बैठक में क्या कुछ हुआ
  • मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के मद्देनजर भारत की ऊर्जा आपूर्ति और सप्लाई चेन की समीक्षा के लिए मंत्रियों की बैठक
  • बैठक में ऊर्जा आपूर्ति जोखिम, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर विस्तार से चर्चा हुई
  • सरकार ने अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की और स्थिति पर निरंतर करीबी नजर रखने का आश्वासन दिया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के मद्देनजर भारत की ऊर्जा आपूर्ति, जरूरी वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता, अहम बुनियादी ढांचे की मजबूती और सप्लाई चेन की स्थिति की समीक्षा के लिए अनौपचारिक मंत्रियों के समूह (IGoM) की बैठक आयोजित की गई. इस समूह में कई वरिष्ठ मंत्री शामिल थे. बैठक के दौरान ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती और भारत की सप्लाई चेन की मजबूती को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

बैठक में क्या हुआ, राजनाथ सिंह ने बताया

इसमें भारत सरकार द्वारा अब तक उठाए गए सभी कदमों की समीक्षा भी की गई. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार स्थिति पर लगातार करीबी नजर बनाए हुए है. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के किसी भी संभावित असर से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. सरकार ने दोहराया कि देश के हितों की रक्षा, आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है.

Latest and Breaking News on NDTV

ये भी पढ़ें ; पश्चिम एशिया में जंग, होर्मुज का चैलेंज... कई चुनौतियों को पार कर भारत पहुंचते है तेल-गैस से भरे जहाज

पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया' की भावना के तहत समन्वय सुनिश्चित करना था. प्रधानमंत्री ने 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले शुरू होने के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष पर पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है. ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों पर जवाबी कार्रवाई की है.

बैठक में शामिल होने वाले मुख्यमंत्रियों में एन. चंद्रबाबू नायडू (आंध्र प्रदेश), योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश), रेवंत रेड्डी (तेलंगाना), भगवंत मान (पंजाब), भूपेंद्र पटेल (गुजरात), उमर अब्दुल्ला (जम्मू-कश्मीर), सुखविंदर सिंह सुक्खू (हिमाचल प्रदेश), पेमा खांडू (अरुणाचल प्रदेश) और अन्य मुख्यमंत्री शामिल थे. बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. इस संबंध में एक सूत्र ने कहा, “प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और राज्यों की तैयारियों व योजनाओं की समीक्षा की.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com