- वायनाड में राहुल, प्रियंका और कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ पोस्टर में दी गई धमकी.
- केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर कांग्रेस में बरकरार सस्पेंस के बीच यह धमकी आया है.
- केरल में कांग्रेस के अंदर असंतोष बढ़ रहा है और अगर CM के नाम पर फैसला जल्द नहीं हुआ तो विवाद गहरा सकता है.
Rahul Gandhi और कांग्रेस हाईकमान की लगातार बैठकों के बावजूद केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर बना सस्पेंस अब और गहरा गया है. बुधवार दोपहर तक नए मुख्यमंत्री के नाम का एलान होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती बेचैनी और वायनाड में लगे विरोधी पोस्टरों ने कांग्रेस नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
दिल्ली में मंगलवार को पूरे दिन चली बैठकों के बाद भी कांग्रेस किसी एक चेहरे पर अंतिम फैसला नहीं ले सकी. मुख्यमंत्री पद की दौड़ में तीन बड़े नाम सबसे आगे बताए जा रहे हैं. इनमें कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथाला शामिल हैं. इन तीनों नेताओं के समर्थक अपने अपने स्तर पर लॉबिंग में जुटे हुए हैं.

इसी बीच राहुल गांधी ने दिल्ली में केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्षों से मुलाकात की. माना जा रहा है कि पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों को शांत करने और जनता की राय समझने के लिए यह बैठक बुलाई गई थी. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में कई नेताओं ने मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अपनी राय खुलकर रखी.
पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष के मुरलीधरण ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद कहा कि पार्टी बुधवार तक मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर सकती है. वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीएम सुधीरण ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ राज्य की राजनीतिक स्थिति और जनता के मूड पर विस्तार से चर्चा की है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी नेतृत्व जनता की भावना को ध्यान में रखकर फैसला करेगा.

राहुल, प्रियंका और हाईकमान के खिलाफ पोस्टर
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे ज्यादा चर्चा वायनाड में लगे उन पोस्टरों की हो रही है, जिनमें सीधे तौर पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निशाने पर लिया गया है. ये पोस्टर वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय के पास लगाए गए हैं. पोस्टरों में चेतावनी दी गई है कि अगर के सी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाया गया तो केरल की जनता कांग्रेस हाईकमान को माफ नहीं करेगी.
कुछ पोस्टरों में यहां तक लिखा गया कि अगर ऐसा फैसला लिया गया तो वायनाड अगला अमेठी बन जाएगा. पोस्टरों में वेणुगोपाल को राहुल गांधी का बैग कैरियर तक बताया गया है और कहा गया है कि अगर हाईकमान ने उन्हें आगे बढ़ाया तो विरोध और तेज होगा.
पोस्टरों में राहुल और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा गया है. कुछ संदेशों में कहा गया कि उनके गलत फैसलों को केरल कभी माफ नहीं करेगा. वहीं एक पोस्टर में गांधी परिवार को वायनाड भूल जाने की चेतावनी तक दी गई और दावा किया गया कि वे दोबारा यहां से चुनाव नहीं जीत पाएंगे.

यूडीएफ गठबंधन को स्पष्ट बहुमत, लेकिन अब तक नहीं बनी सरकार
दरअसल, 4 मई को आए विधानसभा चुनाव नतीजों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने 140 में से 102 सीटें जीतकर बड़ी जीत हासिल की थी. इसके बाद से ही मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चा तेज हो गई थी. कांग्रेस के पास अकेले 63 विधायक हैं, जबकि उसके सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के 22, केरल कांग्रेस के 8 और आरएसपी के 3 विधायक हैं.
हालांकि पार्टी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक ने केरल जाकर विधायकों की राय ली थी. उसके बाद भी स्थिति साफ नहीं हो सकी. दिल्ली में हाईकमान ने तीनों प्रमुख दावेदारों और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ अलग अलग दौर की बातचीत की, लेकिन अंतिम सहमति अब तक नहीं बन पाई है.

आज हो सकता है मुख्यमंत्री के नाम का एलान
हालांकि केरलम कांग्रेस के प्रमुख सनी जोसेफ ने कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा आज ही की जाएगी. उन्होंने कहा, "पार्टी के कार्यकर्ता और नेता कांग्रेस हाई कमान के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं. हमें उम्मीद है कि आज मुख्यमंत्री के नाम का एलान हो जाएगा."
मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा में देरी को लेकर उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी अस्पताल में थीं, इस वजह से थोड़ी देरी हो गई. मुख्यमंत्री के नाम का एलान दिल्ली से किया जाएगा."
बता दें कि कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में रूटीन चेकअप के लिए गईं. वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह चेकअप के बाद लौट आई हैं. उन्होंने बताया कि कांग्रेस हाई कमान नई दिल्ली से लगातार केरल के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में है ताकि जल्द से जल्द मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सके.
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब सिर्फ मुख्यमंत्री चुनने की नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी को संभालने की भी है. वायनाड में लगे पोस्टरों ने यह साफ संकेत दे दिया है कि मुख्यमंत्री चयन को लेकर पार्टी के अंदर असंतोष बढ़ रहा है और अगर फैसला जल्द नहीं हुआ तो यह विवाद और गहरा सकता है.
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