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This Article is From Oct 13, 2022

ऋतुजा लटके ने समय रहते इस्तीफा दिया होता, तो हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती : शिंदे गुट

दीपक केसरकर ने कहा, 'बीएमसी से हमने इस्तीफा मंजूर नहीं करने के लिए तो नहीं कहा है. ऋतुजा लटके ने पहले तो इस्तीफा देने में देरी की, फिर सिस्टम पर दोष देना देकर सहानुभूति पाना चाहती हैं.'

ऋतुजा लटके ने समय रहते इस्तीफा दिया होता, तो हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती : शिंदे गुट
शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने उपचुनाव में दिवंगत रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा लटके को मैदान में उतारने का फैसला किया.

महाराष्ट्र में एक बार फिर शिवसेना (Shiv Sena) के दो धड़े उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) की टीम और एकनाथ शिंदे की टीम (Eknath Shinde government)आमने-सामने है. अगले महीने मुंबई की अंधेरी (पूर्व) सीट पर विधानसभा उपचुनाव होने हैं. उद्धव ठाकरे ने इस सीट पर ऋतुजा लटके (Rutuja Latke) को बतौर उम्मीदवार मैदान में उतारा है. ऋतुजा लटके का इस्तीफा बीएमसी ने अब तक स्वीकार नहीं किया है. इसके लिए उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था. हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए बीएमसी को लटके का इस्तीफा स्वीकार करने का आदेश दिया है. इस पूरे मामले को लेकर शिंदे गुट के प्रवक्ता और मंत्री दीपक केसरकर ने प्रतिक्रिया दी है.

दीपक केसरकर ने कहा, 'ऋतुजा लटके का हाईकोर्ट जाना सब नौटंकी है. अगर उन्होंने समय रहते अर्जी दी होती, तो हाईकोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती. बीएमसी से हमने इस्तीफा मंजूर नहीं करने के लिए तो नहीं कहा है. उन्होंने पहले तो देरी की, फिर सिस्टम पर दोष देना देकर सहानुभूति पाना चाहती हैं.'

दरअसल, शिवसेना विधायक रमेश लटके के निधन के कारण इस सीट पर उपचुनाव कराए जा रहे हैं. शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी ने उपचुनाव में दिवंगत रमेश लटके की पत्नी ऋतुजा लटके को मैदान में उतारने का फैसला किया. ऋतुजा लटके बीएमसी में कार्यरत हैं. उन्होंने चुनाव नियमों के तहत अपने पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया गया है. 

केसरकर ने आगे कहा, 'क्या वो लोग तय नहीं कर पा रहे थे कि यही सीट कांग्रेस या एनसीपी में से किसे दिया जाए? आखिर इस्तीफा और राजीनामा देने में इतनी देरी क्यों हुई? जब पता था चुनाव लड़ना है, तो वक्त पर राजीनामा दे देते.' उन्होंने कहा कि अंधेरी ईस्ट सीट पर किस पार्टी का उमीदवार होगा, इस पर एकनाथ शिंदे और बीजेपी फैसला लेगी. जो निर्णय होगा एक साथ लिया जाएगा.

 उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के गुट ने बुधवार को आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे गुट उनकी उम्मीदवार ऋतुजा लटके पर उनके चुनाव चिन्ह से अंधेरी ईस्ट सीट पर होने वाला उपचुनाव लड़ने का दबाव बना रहा है. सीट पर 3 नवंबर को उपचुनाव होने हैं. जून में शिवसेना में हुए दो फाड़ के बाद यह ना सिर्फ पहला चुनाव है, बल्कि शिवसेना के ठाकरे और शिंदे नीत गुटों के लिए शक्ति प्रदर्शन का पहला सार्वजनिक मौका भी है.

आपको बता दें कि 29 जून को ठाकरे नीत महा विकास आघाड़ी (कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी गठबंधन) सरकार गिर गई थी. इसके बाद एकनाथ शिंदे ने बीजेपी की मदद से सरकार बना ली. उन्होंने 30 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. वहीं, देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली.


 

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