- अरविंद केजरीवाल ने पार्टी छोड़ने वाले सात राज्यसभा सांसदों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं
- आप ने राज्यसभा सभापति से उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है जो भाजपा में शामिल हो गए हैं
- पार्टी का दावा है कि ये सांसद आप की टिकट पर चुने गए थे और उनका भाजपा में जाना दलबदल के समान है
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा सहित पार्टी छोड़ने वाले सातों राज्यसभा सांसद को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं. एनडीटीवी के एक सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि मैं अब उन्हें आगे के लिए शुभकामनाएं देता हूं.
राज्यसभा सभापति से सात सांसदों की सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध
इससे पहले आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को एक पत्र भेजकर उच्च सदन के उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है, जिन्होंने हाल ही में ‘आप' छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की है. पार्टी का कहना है कि राज्यसभा के सात सदस्यों द्वारा उठाया गया कदम दल-बदल के समान है. आवश्यकता पड़ने पर पार्टी इस मामले में कानूनी कदम भी उठाएगी.
पार्टी का कहना है कि सांसद आप (AAP) की टिकट पर उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़ने और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया.

चड्ढा ने कहा, ‘‘संविधान के अनुसार, किसी पार्टी के कुल सांसदों में से दो-तिहाई सांसद दूसरी पार्टी में विलय कर सकते हैं.'' उन्होंने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (आप) के कुल 10 सदस्य हैं.
आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश से संबंधित मामलों सहित उच्चतम न्यायालय के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया गया है कि दलबदल के ऐसे मामलों में किस तरह पद से अयोग्य ठहराया जा सकता है. संविधान की दसवीं अनुसूची का हवाला देते हुए कहा गया कि इसमें स्पष्ट रूप से इस तरह के राजनीतिक दल-बदल की अनुमति नहीं है.

पार्टी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को अदालत में ले जाएंगे. इन सदस्यों को पार्टी ने चुना था, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया. यह पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ विश्वासघात है.
‘आप' ने पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सदस्यों के खिलाफ प्रदर्शन किया
इधर आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रविवार को पंजाब और मुंबई सहित देश में कई स्थानों पर उन सात राज्यसभा सदस्यों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, जो पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने दलबदल के विरोध में राज्यसभा सदस्यों के पुतले जलाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की.
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‘आप' कार्यकर्ताओं ने मोहाली के डेरा बस्सी और खरड़, गुरदासपुर, जालंधर, पठानकोट, बठिंडा और अमृतसर समेत कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए.
अमृतसर में संवाददाताओं से बात करते हुए पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ने राज्यसभा सदस्यों द्वारा पाला बदलने की कड़ी आलोचना की और उन पर पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया. सिंह ने कहा, ‘‘इन सांसदों को पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए उच्च सदन में भेजा गया था, लेकिन यह बड़े शर्म की बात है कि उन्होंने पंजाब का कोई भी मुद्दा नहीं उठाया. इसके बजाय, वे भाजपा में शामिल हो गए. पंजाब की जनता पाला बदलने वालों को कभी माफ नहीं करेगी.''
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