- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमला हुआ, जिसमें कई घायल हो गए
- एक पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि लगभग दो सौ छात्रों ने उन्हें घेरकर लाठियों और पत्थरों से पीटा
- प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पिछले महीने से विरोध जारी रखे हुए हैं
दिल्ली के जंतर-मंतर के पास बुधवार रात छात्रों के प्रदर्शन के बीच भड़की हिंसा में कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के अधिकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. इसका वीडियो भी सामने आया. एक घायल पुलिस इंस्पेक्टर ने NDTV को बताया कि जब वह छात्रों के विरोध-प्रदर्शन वाली जगह जंतर-मंतर जा रहे थे, तो लगभग 150-200 छात्रों ने उन्हें घेर लिया, ज़मीन पर गिरा दिया और लाठियों से पीटना और लात मारना शुरू कर दिया. इंस्पेक्टर नंद किशोर का दावा है कि विरोध कर रहे छात्र सरकार और पुलिस के खिलाफ़ नारे लगा रहे थे.
उन्होंने NDTV को बताया, "मैं जंतर-मंतर जा रहा था. जब मैं संसद मार्ग पहुंचा, तो वहां लगभग 2,000 से 2,500 लोगों की भीड़ थी, मुझे नहीं लगा कि वे छात्र थे. मैं वर्दी में था. वे पुलिस और सरकार के खिलाफ़ नारे लगा रहे थे. फिर किसी ने पीछे से मुझपर हमला किया. मुझे लात मारी और किसी डंडे जैसी चीज़ से मारा. मैं उनसे बार-बार ऐसा नहीं करने को कहता रहा."
पुलिसकर्मी ने बताया कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें जाने दिया, लेकिन फिर 150-200 लोगों के एक समूह ने उन्हें ज़मीन पर गिरा दिया और उन पर फिर से हमला किया.
उन्होंने कहा कि वे किसी तरह बच निकले, क्योंकि आगे पुलिस की एक टीम मौजूद थी. छात्रों के कथित हमले में असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (पंजाबी बाग) जय प्रकाश और कनॉट प्लेस के ACP विवेक भगत भी घायल हो गए.
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में ज़्यादातर युवा छात्र पिछले महीने से ही एग्ज़ाम पेपर लीक होने के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.
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सोमवार को मॉनसून सत्र के पहले दिन जब हज़ारों प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया, जिससे विरोध-प्रदर्शन और तेज़ हो गया. तनाव बढ़ने पर प्रदर्शनकारियों ने भी पत्थरबाज़ी की.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस टकराव में 100 से ज़्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि CJP कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ "बर्बरता" करने का आरोप लगाया है.
कोर्ट ने अधिकारियों को पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी ज़रूरी रिकॉर्ड, जैसे CCTV फुटेज और कोई भी वीडियो रिकॉर्डिंग, सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया.
पत्थरबाज़ी के आरोप का जवाब देते हुए, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को आरोप लगाया कि छात्रों के चल रहे विरोध-प्रदर्शन को जानबूझकर बाधित करने के लिए बाहर से लोगों को भेजा जा रहा था.
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