विज्ञापन

सड़क पर बिक रहे उड़ने वाले गुब्बारे खरीदते हैं? सावधान, घर में कर सकते हैं बम जैसा धमाका, समझिए साइंस

सड़क पर मिलने वाले कुछ उड़ने वाले गुब्बारों में हाइड्रोजन गैस भरी जा सकती है, जो बेहद ज्वलनशील होती है. जानिए हाइड्रोजन कैसे बनाई जाती है, यह क्यों खतरनाक है और गुब्बारों के लिए हीलियम को ज्यादा सुरक्षित क्यों माना जाता है.

सड़क पर बिक रहे उड़ने वाले गुब्बारे खरीदते हैं? सावधान, घर में कर सकते हैं बम जैसा धमाका, समझिए साइंस
सड़क से खरीदा उड़ने वाला गुब्बारा कितना सुरक्षित?
Canva

क्या हो अगर आप घर में रंग-बिरंगा गुब्बारा लेकर आएं और अचानक बम की तरह फट जाए या आग पकड़ ले? यह सोचकर ही डर लग रहा होगा, लेकिन आजकल जाने-अनजाने में कई लोग ऐसा कर रहे हैं. दरअसल सड़क किनारे जो हवा में उड़ने वाले गुब्बारे मिलते हैं, वो कई बार बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं. इसकी वजह है गुब्बारे में भरी गैस. कई गुब्बारे बेचने वाले आजकल छोटे सिलेंडर में खुद ही हाइड्रोजन गैस बना रहे हैं. वैसे तो गुब्बारों में हीलियम गैस भरी जाती है, जो हवा से हल्की होती इसलिए गुब्बारा आसमान में उड़ जाता है. लेकिन यह महंगी आती है, इसलिए सस्ते जुगाड़ करते हुए कुछ जगह पर गुब्बारों में हाइड्रोजन गैस भर देते हैं, जो बेहद खतरनाक है. आखिर यह क्यों खतरनाक है और इसे गुब्बारों में क्यों नहीं भरा जाना चाहिए? आइए इसके पीछे की साइंस समझते हैं.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है. इस वीडियो में एक शख्स साइकिल पर एक छोटा सिलेंडर रखकर हवा में उड़ने वाले गुब्बारे बेच रहा है. वह खुद ही गैस बना रहा है और उसे गुब्बारों में भरकर भी दिखा रहा है. इसके लिए शख्स सिलेंडर में एल्युमिनियम पाउडर, कास्टिक सोडा और पानी का इस्तेमाल करता है. लेकिन यह मिश्रण बेहद खतरनाक और ज्वलनशील हाइड्रोजन गैस बनाता है.

सड़क किनारे हाइड्रोजन गैस बना रहा गुब्बारे बेचने वाला शख्स

सड़क किनारे हाइड्रोजन गैस बना रहा गुब्बारे बेचने वाला शख्स
Photo Credit: Social Media

हाइड्रोजन गुब्बारे कैसे कर सकते हैं धमाका?

दरअसल एल्युमिनियम, कास्टिक सोडा और पानी जब मिलते हैं तो एक रासायनिक प्रक्रिया होती है. इस रासायनिक प्रक्रिया के बाद सोडियम एल्यूमिनेट और हाइड्रोजन गैस बनती है. वेंडर सिलेंडर के वॉल्ब पर गुब्बारा लगाकर उसमें हाइड्रोजन गैस भरकर बेच देते हैं. लेकिन सबसे खतरनाक कहानी यहीं से शुरू होती है.

हाइड्रोजन गैस अगर हवा के संपर्क में आ जाए, तो यह धमाका कर सकती है. दरअसल हवा में ऑक्सीजन होती है. हाइड्रोजन गैस हवा में मौजूद ऑक्सीजन के साथ मिलकर ज्वलनशील मिश्रण बना सकती है. इतना ही नहीं अगर जरा सी गर्मी, धूप, कपड़ों की रगड़ या पास में जलती हुई बीड़ी-सिगरेट हाइड्रोजन वाले गुब्बारे के संपर्क में आया तो यह किसी बम की तरह फट सकता है और गंभीर रूप से झुलसा सकता है.

ऑक्सीजन और हाइड्रोजन दोनों ही एक-दूसरे के विपरीत रासायनिक गुण रखते हैं. ऑक्सीजन एक मजबूत ऑक्सीकारक है और हाइड्रोजन एक ज्वलनशील गैस है.

गुब्बारों में कौन सी गैस भरी जाती है?

अब सवाल यह भी है कि अगर उड़ने वाले गुब्बारे में हाइड्रोजन गैस नहीं भर सकते तो कौन सी गैस भरते हैं? इसका जवाब है- हीलियम गैस. आमतौर पर गुब्बारों में हीलियम गैस ही भरी जाती है. हीलियम गैस भी हवा से हल्की होती है और इसलिए गुब्बारे आसमान में उड़ जाते हैं. हीलियम गैस की खासियत है कि यह कोई कैमिकल रिएक्शन नहीं करती. अगर यह हवा के संपर्क में भी आ जाए, तो कोई दिक्कत नहीं है. इसलिए गुब्बारों में हमेशा हीलियम गैस ही भरी जाती है.

नाइट्रोजन गैस भी है बड़े कमाल की

हीलियम गैस के अलावा गुब्बारों में नाइट्रोजन गैस भी भरी जाती है. लेकिन यह गैस हवा जितनी ही भारी है, इसलिए गुब्बारे हवा में नहीं उड़ते. हवाई जहाजों के टायरों में भी यही नाइट्रोजन गैस भरी जाती है. आजकल सड़क पर चलने वाले वाहनों में भी नाइट्रोजन भरी जाती है. दरअसल नाइट्रोजन दबाव में नहीं बदलती और स्थिर रहती है. जब विमान बहुत ऊंचाई में होता है तो बाहर का तापमान -50 डिग्री तक गिर जाता है. वहीं जब विमान लैंड करता है, तो घर्षण की वजह से टायर का तापमान बहुत अधिक होता है. इन दोनों ही स्थिति में नाइट्रोजन स्थिर रहती है और आग लगने या टायर फटने का खतरा नहीं रहता.

यह भी पढ़ें: पिज्जा, डायनासोर की हड्डी और अमेरिकी राष्ट्रपतियों के बाल... अंतरिक्ष में भेजी जा चुकी हैं ये अजीब चीजें

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Hydrogen Gas, Ballon, Air Balloon Industry, Hydrogen Balloon, Hydrogen Balloon Blast
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com