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सड़कों का जाल फैलाने के लिए मोदी सरकार कितना खर्च कर रही है? सब जान लीजिए

मोदी सरकार में सड़कों पर काफी काम हुआ है. अब दोगुनी रफ्तार से नेशनल हाइवे बन रहे हैं. सड़कों का जाल फैलाने के लिए सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

सड़कों का जाल फैलाने के लिए मोदी सरकार कितना खर्च कर रही है? सब जान लीजिए
  • भारत में सड़कों का कुल नेटवर्क 63.73 लाख किलोमीटर से अधिक है, जो अमेरिका के बाद विश्व में दूसरा सबसे बड़ा है
  • केंद्र सरकार का सड़क और परिवहन मंत्रालय का बजट अब 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है
  • 2014 से 2025 के बीच राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण प्रतिवर्ष 9,704 किलोमीटर की गति से हो रहा है
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नई दिल्ली:

किसी भी देश के लिए अच्छी सड़कें बहुत मायने रखती हैं. सड़कें ही हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को चलाती हैं. सड़क पर खर्च हुआ एक रुपया बदले में तीन रुपया देता है. आंकड़े बताते हैं कि देश में 12 सालों में सड़कों का जाल जबरदस्त तेजी से फैला है और इस पर सरकार ने पैसा भी खूब खर्च किया है. आज भारत में 63.73 लाख किलोमीटर से ज्यादा लंबा सड़कों का जाल है. अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क भारत में ही है.

सड़कों का जाल देशभर में फैलाने के लिए लाखों करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. केंद्र सरकार के मुताबिक, 2013-14 में सड़क और परिवहन मंत्रालय का बजट 31 हजार करोड़ रुपये था. अब यह बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है.

केंद्र सरकार के मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच हर साल औसतन 4,174 किमी लंबे नेशनल हाइवे बन रहे थे. 2014 से 2025 के बीच यह बढ़कर सालाना 9,704 किमी पहुंच गया. यानी अब दोगुनी रफ्तार से नेशनल हाइवे बन रहे हैं. इतना ही नहीं, 2014-15 तक देशभर में 550 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड कॉरिडोर या एक्सप्रेसवे थे. इनमें स्टेट हाइवे भी शामिल है. दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर 5,364 किमी हो गए हैं. इनमें 3,052 किमी नेशनल हाइवे और 2,312 किमी स्टेट हाइवे पर हैं. 

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इसके अलावा, एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत पूर्वोत्तर के राज्यों में भी जमकर सड़कें बनाई जा रही हैं. 2014 के बाद से पूर्वोत्तर के राज्यों में 10 हजार किमी के नेशनल हाइवे बनाए गए हैं. इन पर 1.07 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं. 5 हजार किमी पर अभी काम चल रहा है.

2026-27 में सड़क परिवहन मंत्रालय के लिए 3.09 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. इसमें से 1.81 लाख करोड़ का बजट नेशनल हाइवे के लिए है. सड़क और पुल के लिए 1.22 लाख करोड़ रुपये का बजट है. 400 करोड़ रुपये का बजट सड़क सुरक्षा के लिए है. सरकार का दावा है कि नेशनल हाइवे के लिए खर्च हुआ हर 1 रुपया जीडीपी को 3 गुना फायदा देता है.

इसके अलावा, 2017 में केंद्र सरकार ने 'भारतमाला प्रोजेक्ट' के पहले फेज को मंजूरी दी थी. इसके तहत देशभर में 34,800 किमी लंबी सड़कें बनाई जानी थीं, जिसके लिए 5.35 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया था. इस प्रोजेक्ट के तहत फरवरी 2026 तक 22,223 किमी लंबी सड़कें बनकर तैयार हो चुकी हैं.

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